60 गांवों की बदहाली विधानसभा में उठेगी, भूपेश बघेल से मिली जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति

सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों की मूलभूत समस्याओं को लेकर जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सड़क, बिजली, पेयजल, वन विभाग की कार्रवाई और बोराई अस्पताल की बदहाल स्थिति से अवगत कराया। भूपेश बघेल ने विधानसभा में मामला उठाने और प्रशासन से जवाब मांगने का आश्वासन दिया।

Jun 28, 2026 - 11:00
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60 गांवों की बदहाली विधानसभा में उठेगी, भूपेश बघेल से मिली जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व अभयारण्य क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रायपुर स्थित उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके निराकरण की मांग की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए आगामी विधानसभा सत्र में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का भरोसा दिलाया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अभयारण्य क्षेत्र में शामिल 60 से अधिक गांव आजादी के दशकों बाद भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों में वन विभाग की अनुमति को लेकर लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना, आंगनबाड़ी भवन निर्माण और अन्य जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में जैतपुरी गांव की हालिया घटना का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वन विभाग के अमले ने गांव में कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों के साथ मारपीट की, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवारों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बोराई सिविल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। बताया गया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के अभाव और दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। गंभीर मरीजों को धमतरी रेफर करना पड़ता है, जिससे दूरस्थ वनांचल के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद भूपेश बघेल ने मौके पर ही धमतरी कलेक्टर से दूरभाष पर चर्चा कर तीनों मामलों की जानकारी ली और वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि आदिवासी अंचल से जुड़े विकास, स्वास्थ्य और ग्रामीणों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा तथा सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में मनोज साक्षी, सिरधन सोम, नरेश मांझी, सुरेंद्र नेताम, चंद्र कुमार अग्रवाणी, राजेश शामरथ, गुमान शामरथ, गजेंद्र शामरथ, डोमार नेताम सहित नगरी-सिहावा क्षेत्र के अनेक ग्रामीण शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त करते हुए न्याय और समाधान की उम्मीद जताई।