दामापुर में बेटियों के लिए मुफ्त कराटे प्रशिक्षण शुरू, आत्मरक्षा से सशक्तिकरण की पहल
दामापुर में माँ भारतीय एकेडमी और लक्ष्य पब्लिक स्कूल के संयुक्त प्रयास से बेटियों के लिए मुफ्त कराटे प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य लड़कियों को आत्मरक्षा के साथ आत्मविश्वासी और सशक्त बनाना है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव कवर्धा l दामापुर में बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। माँ भारतीय एकेडमी और लक्ष्य पब्लिक स्कूल के संयुक्त बैनर तले लड़कियों के लिए मुफ्त कराटे प्रशिक्षण की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें आत्मविश्वासी बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया, जिसमें माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कुंडा मंडल अध्यक्ष बालमुकुंद चंद्रवंशी और ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच बहादुर खान ने की।
इस पहल के पीछे जनपद पंचायत पंडरिया के सभापति प्रतिनिधि अश्वनी यदु का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि “बेटियां हमारी धरोहर हैं और उन्हें सशक्त बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी संस्था पिछले दो वर्षों से युवाओं को पुलिस भर्ती के लिए मुफ्त प्रशिक्षण दे रही है, जिसमें कई अभ्यर्थी सफल होकर सरकारी सेवा में पहुंचे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने इस पहल की जमकर सराहना की। बालमुकुंद चंद्रवंशी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सुविधाएं कम मिलती हैं, ऐसे में यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लड़कियों के आत्मबल को बढ़ाने में सहायक होगा।
वहीं कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि आज के समय में बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि माँ भारतीय एकेडमी ने पहले भी युवाओं को रोजगार के अवसर देने में सराहनीय कार्य किया है और अब बेटियों के लिए कराटे प्रशिक्षण शुरू करना एक प्रेरणादायक कदम है।
इस प्रशिक्षण में राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रशिक्षक ज्योति बघेल लड़कियों को प्रशिक्षण देंगी। उनके मार्गदर्शन में छात्राएं आत्मरक्षा के विभिन्न तकनीकों को सीखेंगी, जिससे वे किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना करने में सक्षम बन सकें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भविष्य में लड़कियों को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ जैसी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए महिला अधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि बच्चियां अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
कुल मिलाकर, यह पहल न केवल बेटियों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी सशक्त करेगी। दामापुर क्षेत्र में शुरू हुआ यह अभियान अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।