रायपुर के दोंदेखुर्द में किसानों के लिए बड़ा फैसला: सिंचाई हेतु नहर-नाली निर्माण का प्रस्ताव पारित
रायपुर के समीप ग्राम पंचायत दोंदेखुर्द में ग्राम सभा के दौरान किसानों को जल संकट से बचाने के लिए नहर-नाली निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। यह निर्णय किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के समीप स्थित ग्राम पंचायत दोंदेखुर्द में किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। डॉक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नहर और नाली निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया। यह कदम क्षेत्र के किसानों को जल संकट से राहत दिलाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकमत होकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इस दौरान ग्राम सभापति शीट सूर्यप्रताप बंजारे ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे ग्राम सभा अध्यक्ष की अध्यक्षता और पूर्व सरपंच सियाराम बंजारे की अनुमति से सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं और सिंचाई से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से जल संकट के कारण खेती पर बुरा असर पड़ रहा है। समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण फसलों की पैदावार घट रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में नहर और नाली निर्माण का यह प्रस्ताव किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।
प्रस्ताव के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जल्द ही नहर और नाली निर्माण का विस्तृत प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजकर स्वीकृति और बजट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरेगी और किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत करना कृषि विकास के लिए बेहद जरूरी है। नहर और नाली जैसी परियोजनाएं न केवल जल संरक्षण में मदद करती हैं, बल्कि फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ग्राम सभा में यह भी कहा गया कि इस योजना के माध्यम से वर्षा जल का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और जल संसाधनों का संरक्षण भी संभव होगा। इससे आने वाले समय में सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने में भी सहायता मिलेगी।
कुल मिलाकर, दोंदेखुर्द ग्राम पंचायत का यह निर्णय किसानों के हित में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह योजना समय पर पूरी होती है, तो न केवल स्थानीय किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि यह अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।