युवा कांग्रेस चुनाव पर भाजयुमो का हमला, राहुल टिकरिहा ने परिवारवाद और संगठनात्मक अव्यवस्था के लगाए आरोप
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर कांग्रेस पर परिवारवाद, पक्षपात और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, प्रभारी परिवर्तन और कथित संगठनात्मक अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। ये आरोप भाजयुमो की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इसमें शामिल नहीं है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कांग्रेस के भीतर परिवारवाद, संगठनात्मक अव्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।
राहुल टिकरिहा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के बीच यूथ कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रभारी अमित पठानिया को हटाकर डॉ. स्मृति रंजन लेंका को जिम्मेदारी सौंपना कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और संगठनात्मक अस्थिरता का संकेत है। उनके अनुसार, इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के अंदर नेतृत्व और चुनाव प्रक्रिया को लेकर असहमति बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस का चुनाव एक सामान्य कार्यकर्ता की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। उनके अनुसार, मतदाता पंजीयन पर होने वाला खर्च आर्थिक रूप से कमजोर कार्यकर्ताओं के लिए चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के पंजीयन के लिए भारी आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है, जिससे आम कार्यकर्ता चुनावी प्रक्रिया में पीछे रह जाता है।
राहुल टिकरिहा ने भाजपा की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी में कार्यकर्ताओं को उनकी कार्यक्षमता और संगठन के प्रति योगदान के आधार पर अवसर दिए जाते हैं। उन्होंने स्वयं को उदाहरण बताते हुए कहा कि छोटे गांव से आने के बावजूद उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
प्रेस विज्ञप्ति में टिकरिहा ने यह भी आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में परिवारवाद हावी है तथा कुछ उम्मीदवारों को उनके पारिवारिक राजनीतिक प्रभाव के कारण प्राथमिकता मिल रही है। साथ ही उन्होंने कुछ संभावित उम्मीदवारों को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल कथित चैट का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात और गुटबाजी देखने को मिल रही है। उनके अनुसार, संगठन के भीतर बार-बार नियमों में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया में उत्पन्न विवाद कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को दर्शाते हैं।
राहुल टिकरिहा ने कहा कि जो संगठन अपने आंतरिक चुनाव और संगठनात्मक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित नहीं कर पा रहा है, वह युवाओं के हितों की बात करने का नैतिक अधिकार खो देता है। उन्होंने कहा कि भाजयुमो प्रदेश के युवाओं के हितों के लिए कार्य करता रहेगा और कांग्रेस के खिलाफ उठाए गए इन मुद्दों को जनता के बीच रखता रहेगा।