पीएम सूर्य घर योजना पर कांग्रेस का सवाल, उपभोक्ताओं को लाभांश के बजाय बिजली बिल भेजने का लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर उपभोक्ताओं को लाभांश के बजाय बिजली बिल भेजे जाने का आरोप लगाया है। मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार से उपभोक्ताओं का बकाया लाभांश जारी करने और कथित रूप से भेजे गए बिजली बिल वापस लेने की मांग की है। ये दावे कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं।

Jun 30, 2026 - 12:35
 0  2
पीएम सूर्य घर योजना पर कांग्रेस का सवाल, उपभोक्ताओं को लाभांश के बजाय बिजली बिल भेजने का लगाया आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि योजना के तहत सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली उत्पादन का लाभांश देने के बजाय हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना को आम उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी बताते हुए लोगों को अपने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया। योजना के तहत उपभोक्ताओं से यह कहा गया था कि वे अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उसे बिजली विभाग को बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और बिजली बिल शून्य या बेहद कम हो जाएगा।

धनंजय सिंह ठाकुर का दावा है कि योजना से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं ने पिछले एक वर्ष के दौरान 200 यूनिट से लेकर 2000 यूनिट तक अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर बिजली विभाग को उपलब्ध कराया। उनका आरोप है कि मार्च माह में इस बिजली का लाभांश मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय अप्रैल माह में 2 हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक के बिजली बिल जारी कर दिए गए।

कांग्रेस का कहना है कि जब उपभोक्ताओं ने इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत लाभांश भुगतान के लिए अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित नहीं किए गए हैं। कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि योजना लागू की गई थी तो लाभांश वितरण की प्रक्रिया और नियम पहले से तय होने चाहिए थे।

धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि यदि लाभांश भुगतान की व्यवस्था ही स्पष्ट नहीं थी तो उपभोक्ताओं को योजना के लाभों का दावा करके सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना उचित नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, इससे योजना से जुड़े लोगों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार के बचत और आर्थिक लाभ संबंधी दावे वास्तविकता से मेल नहीं खाते।

कांग्रेस ने मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं ने योजना के तहत बिजली उत्पादन कर उसे विभाग को उपलब्ध कराया है, उन्हें तत्काल उनके हिस्से का लाभांश दिया जाए। साथ ही, पार्टी ने कथित रूप से अप्रैल माह में जारी किए गए बिजली बिलों को निरस्त करने और पूरे मामले की समीक्षा करने की मांग भी की है।

यह बयान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग या राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामले में यदि सरकार या बिजली विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।