थानखम्हरिया थाना में ACB की बड़ी कार्रवाई, प्रधान आरक्षक 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया थाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक अजय लहरे को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बेमेतरा पुलिस विभाग में यह ACB की पहली कार्रवाई मानी जा रही है। मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और ACB की टीम जांच में जुटी हुई है।

Jun 26, 2026 - 15:46
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थानखम्हरिया थाना में ACB की बड़ी कार्रवाई, प्रधान आरक्षक 15 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया थाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक अजय लहरे को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। बेमेतरा पुलिस विभाग में यह पहली बार है जब किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ ACB ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को प्रधान आरक्षक द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद ACB ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार जैसे ही प्रधान आरक्षक ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, मौके पर मौजूद ACB की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के बाद आरोपी प्रधान आरक्षक को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ACB की टीम थाना परिसर में दस्तावेजों की जांच और पूछताछ कर पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को बेमेतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस विभाग में पहली बार किसी प्रधान आरक्षक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई होने से अन्य कर्मचारियों में भी हलचल देखी जा रही है। विभागीय स्तर पर भी पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि साजा विधानसभा क्षेत्र में यह एंटी करप्शन ब्यूरो की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इसी क्षेत्र में एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार दूसरी कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियां सख्त कार्रवाई कर रही हैं।

फिलहाल ACB की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा।