ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीदों के नाम पहली बार सार्वजनिक, नेशनल वॉर मेमोरियल पर होंगे अमर
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए गए हैं। इन वीर जवानों के नाम आर्मी वॉर मेमोरियल के ‘रोल ऑफ ऑनर-2025’ में शामिल किए गए हैं और जल्द ही नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर भी अंकित किए जाएंगे। इनमें दो जवानों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह वर्दीधारी जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए गए हैं। इन वीर सैनिकों के नाम अब आर्मी वॉर मेमोरियल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और उन्हें वर्ष 2025 के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। परंपरा के अनुसार, इन सभी शहीदों के नाम नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की स्मृति ईंटों पर भी अंकित किए जाएंगे, ताकि राष्ट्र हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान को याद रख सके।
रोल ऑफ ऑनर में शामिल छह शहीदों में भारतीय सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक और हवलदार सुनील कुमार सिंह के साथ भारतीय वायु सेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए।
इन छह वीर जवानों में से दो को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र तथा सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु सेना मेडल प्रदान किया गया। 8 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राइफलमैन सुनील कुमार के माता-पिता को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान कर उनके अद्वितीय साहस को सम्मानित किया।
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद की गई थी। 22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की।
इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने कई बड़े आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया और यूसुफ अज़हर, अब्दुल मलिक रऊफ़ तथा मुदस्सिर अहमद सहित 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
भारत सरकार के अनुसार, अभियान के बाद पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने भारतीय DGMO से संपर्क किया, जिसके बाद 10 मई से दोनों देशों के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी।
ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम सार्वजनिक किए जाने और उन्हें नेशनल वॉर मेमोरियल में स्थायी सम्मान दिए जाने का निर्णय भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक माना जा रहा है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।