ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि फरहदा गांव में पिछले कई वर्षों से कथित तौर पर अवैध महुआ शराब की बिक्री जारी है। महिलाओं के मुताबिक शराब की उपलब्धता बढ़ने से गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शराब के सेवन का असर केवल परिवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव गांव के बच्चों और युवाओं पर भी पड़ रहा है।
शराब बिक्री बंद कराने की मांग
महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई। उनका कहना है कि गांव में शराब के बढ़ते सेवन से परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने और गांव में शराब की बिक्री को रोकने की मांग की है।
महिलाओं ने यह भी दावा किया कि शराब के लगातार सेवन के कारण गांव में दो लोगों की जान जा चुकी है। इनमें एक शिकायतकर्ता का बेटा भी शामिल बताया जा रहा है, जिसकी उम्र करीब 18 से 19 वर्ष बताई गई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई का भरोसा दिया
मामले को लेकर महिलाओं ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। महिलाओं की शिकायत पर एसपी रजनेश सिंह ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए उनके विचारों का सम्मान करने की बात कही।
एसपी के अनुसार संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस को सक्रिय करते हुए अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
महिलाओं की मांग के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर है। ग्रामीणों की ओर से अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की जांच और कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गांव में अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
फरहदा गांव की महिलाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य गांव में शराब की बिक्री पर रोक लगाना और बच्चों एवं युवाओं को इसके कथित दुष्प्रभाव से बचाना है। मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।