उत्तर छत्तीसगढ़ में बढ़ी ठंड की दस्तक, जशपुर के खेतों में जमी पहली बर्फ — शीतलहर का अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ के उत्तर क्षेत्र में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। जशपुर जिले में इस सीजन की पहली बर्फ देखने को मिली, जहां तापमान 8 डिग्री तक लुढ़क गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर और आसपास के जिलों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. जशपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ में सर्द हवाओं का असर अब पूरी तरह दिखाई देने लगा है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा ठंड उत्तर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महसूस की जा रही है, जहां आज सुबह खेतों और पुआल पर सीजन की पहली बर्फ की परत दिखाई दी। यह नजारा देखकर ग्रामीणों ने कहा कि “कई सालों बाद इतनी ठंडी सुबह देखने को मिली है।”
मौसम विभाग के अनुसार, जशपुर में बीती रात तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। पंडरापाठ क्षेत्र और आसपास के गांवों में सर्दी का असर इतना तेज था कि लोगों को सुबह अलाव जलाकर राहत लेनी पड़ी। वहीं, अंबिकापुर में 8.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है।
केवल जशपुर ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर छत्तीसगढ़ ठंड की चपेट में है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान रात के तापमान में और 2 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है।
मध्य छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग में भी तापमान में गिरावट
राजधानी रायपुर में सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। माना एयरबेस में 13.2, बिलासपुर में 13.4, पेंड्रारोड में 10.2, दुर्ग में 10.6 और जगदलपुर में 15.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।
राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय कोहरे का असर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में चल रही ठंडी हवाओं का सीधा असर अब मध्य भारत, खासकर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ रहा है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं। जशपुर और अंबिकापुर क्षेत्र के कई किसानों ने कहा कि सुबह खेतों में जमी बर्फ आलू और सब्जी फसलों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सिंचाई के समय में बदलाव किया जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यदि हवाओं की दिशा उत्तर-पूर्वी बनी रही तो आने वाले सप्ताह में तापमान एकल अंकों में पहुंच सकता है और प्रदेश में सर्दी का प्रकोप और बढ़ेगा .|