टेकापार में भूमिपूजन शिलालेख पर सरपंच पति का नाम दर्ज होने का आरोप, ग्रामीणों ने सीईओ से कार्रवाई की मांग

बालोद जिले के ग्राम टेकापार में भूमिपूजन शिलालेख पर सरपंच पति दीपक साहू का नाम दर्ज किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने, शिलालेख से नाम हटाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। मामले में सरपंच और सरपंच पति का पक्ष समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका है।

Sep 1, 2026 - 20:45
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टेकापार में भूमिपूजन शिलालेख पर सरपंच पति का नाम दर्ज होने का आरोप, ग्रामीणों ने सीईओ से कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले के ग्राम टेकापार में भूमिपूजन शिलालेख पर सरपंच पति का नाम दर्ज किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने सरपंच पति दीपक साहू का व्यक्तिगत नाम शासकीय कार्य से संबंधित भूमिपूजन शिलालेख पर दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर शिलालेख से नाम हटाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार ग्राम टेकापार में विभिन्न शासकीय कार्यों से संबंधित भूमिपूजन शिलालेख पर सरपंच पति दीपक साहू का नाम अंकित किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिलालेख पर उनका नाम विशिष्ट नागरिक अथवा सरपंच प्रतिनिधि के रूप में दर्ज कराया गया है। ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति जताते हुए संबंधित मामले की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत से जुड़े शासकीय कार्यों के भूमिपूजन और अन्य गतिविधियों में सरपंच पति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के कुछ कार्यों का उद्घाटन एवं संचालन भी सरपंच पति द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस व्यवस्था का विरोध जताते हुए अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ को दिए ज्ञापन में कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। साथ ही यदि शिलालेख पर नियमों के विपरीत नाम दर्ज किया गया है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर शासकीय कार्यों के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित कराने की भी मांग रखी है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां अधिकारियों के सामने रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय योजनाओं और पंचायत के कार्यों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। उनका आरोप है कि शिलालेख पर सरपंच पति का नाम दर्ज होने और पंचायत के कुछ कार्यों में उनकी भूमिका को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित कराया है।

मामले को लेकर अब जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के स्तर पर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

समाचार लिखे जाने तक सरपंच और सरपंच पति दीपक साहू का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है। उनके पक्ष या मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा। फिलहाल टेकापार में भूमिपूजन शिलालेख पर नाम दर्ज किए जाने को लेकर उठे सवालों के बाद ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।