UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है। वन मंडल सुकमा के अंतर्गत किस्ताराम परिक्षेत्र में की गई इस कार्रवाई के दौरान लगभग 7.50 लाख रुपये मूल्य की सागौन लकड़ी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी तस्करी में संलिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि सिंदूरगुड़ा पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से एक आरा मशीन संचालित की जा रही है, जहां सागौन लकड़ी का अवैध प्रसंस्करण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर छापामार कार्रवाई की। जब टीम वहां पहुंची तो पाया गया कि बड़ी मात्रा में सागौन लकड़ी को काटकर चिरान किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध गतिविधि का मुख्य आरोपी तेलंगाना राज्य का निवासी है, जो किस्ताराम क्षेत्र में सक्रिय रहकर अवैध आरा मशीन का संचालन कर रहा था। वह सागौन लकड़ी की अवैध कटाई, चिरान और अंतर्राज्यीय तस्करी में संलिप्त था। हालांकि, टीम के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। फिलहाल उसकी तलाश तेज कर दी गई है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान कुल 6.239 घनमीटर सागौन लकड़ी जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य करीब 7.50 लाख रुपये आंका गया है। जब्त सामग्री का विधिवत पंचनामा तैयार कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व एसडीओ दोरनापाल अशोक भट्ट और फ्लाइंग स्क्वॉड के रेंजर लक्ष्मीनाथ नाग के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें किस्ताराम, कोन्टा और गोलापल्ली परिक्षेत्र के वन अमले के साथ पुलिस विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी साहस और संयम का परिचय देते हुए इस कार्रवाई को सफल बनाया।
कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम को स्थानीय स्तर पर कड़े विरोध और प्रतिरोध का सामना भी करना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। बावजूद इसके, वन विभाग और पुलिस दल ने सतर्कता और धैर्य के साथ स्थिति को नियंत्रित करते हुए अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और जब्त सामग्री को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया।
इस संबंध में डीएफओ अक्षय भोसले ने कहा कि सुकमा वन मंडल क्षेत्र में अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वन अपराधों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर अंतर्राज्यीय सीमा से लगे इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय किया गया है।
डीएफओ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि वन संपदा की अवैध कटाई और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।