स्मार्ट ट्रैफिक और बेहतर लॉजिस्टिक्स पर चेम्बर व महालेखाकार कार्यालय का मंथन, ई-टिकटिंग और GPS पर जोर

रायपुर में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और महालेखाकार कार्यालय की संयुक्त बैठक में शहरी यातायात, लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन सुधारों पर चर्चा हुई। बैठक में ई-टिकटिंग, GPS आधारित प्रबंधन और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने पर जोर दिया गया।

May 9, 2026 - 17:08
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स्मार्ट ट्रैफिक और बेहतर लॉजिस्टिक्स पर चेम्बर व महालेखाकार कार्यालय का मंथन, ई-टिकटिंग और GPS पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और महालेखाकार (लेखापरीक्षा) छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर स्थित चौधरी देवीलाल उद्योग व्यापार भवन में “अर्बन मोबिलिटी” यानी शहरी गतिशीलता से जुड़े मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण हितधारक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में शहरी यातायात, माल परिवहन और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए सुझाव एकत्र करना था।

यह बैठक भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की लेखापरीक्षा योजना 2026-27 के तहत आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने की। बैठक में विभिन्न ट्रांसपोर्ट संघों, व्यापारिक संगठनों और महालेखाकार कार्यालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

महालेखाकार कार्यालय की वरिष्ठ डीएजी प्रियाति कावड़ो ने कहा कि CAG केवल वित्तीय ऑडिट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी देखना चाहता है कि शहरी परिवहन योजनाएं आम नागरिकों और व्यापार जगत के लिए कितनी उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हितधारकों से मिले सुझाव भविष्य की नीतियों और सुधारों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

बैठक में माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं पर विशेष चर्चा हुई। व्यापारिक प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर के भीतर गोदामों तक माल पहुंचाने के लिए निर्धारित सीमित समय के कारण ट्रकों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और डिलीवरी में देरी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। इसके समाधान के लिए शहर के बाहरी हिस्सों में आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब और ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने का सुझाव दिया गया।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की खराब स्थिति भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश के कई बस स्टैंड और डिपो जर्जर स्थिति में हैं। यात्रियों के लिए बैठने, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और रिटायरिंग रूम जैसी सुविधाओं का अभाव है। बैठक में इन सुविधाओं को बेहतर बनाने और बस स्टैंडों के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

चेम्बर ने हाईवे और शहर की सीमाओं पर ट्रक टर्मिनल विकसित करने तथा ट्रक चालकों के लिए विश्राम गृह बनाने का सुझाव भी दिया। साथ ही भारी वाहनों के लिए समर्पित कॉरिडोर और रिंग रोड को भारतमाला परियोजना से बेहतर तरीके से जोड़ने की बात कही गई।

बैठक में डिजिटल और तकनीकी समाधानों पर भी जोर दिया गया। ट्रांसपोर्टरों ने GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम, ई-टिकटिंग और डिजिटल प्रबंधन प्रणाली अपनाने पर सहमति जताई। प्रतिनिधियों का कहना था कि यदि सरकार आवश्यक ढांचागत और वित्तीय सहयोग दे, तो परिवहन व्यवस्था को अधिक स्मार्ट और पारदर्शी बनाया जा सकता है।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि शहरी यातायात और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करना व्यापार और आम जनता दोनों के हित में है। उन्होंने बताया कि विभिन्न संघों से प्राप्त सुझावों को संकलित कर महालेखाकार कार्यालय को सौंपा जाएगा, ताकि भविष्य की नीतियों में उन्हें शामिल किया जा सके।