नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, फरार आरोपी गिरफ्तार
सक्ती पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से करीब 12 लाख रुपये की ठगी की थी और रकम से बोलेरो वाहन खरीदा था।
UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l सक्ती जिले में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले एक लंबे समय से फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से लाखों रुपये वसूले थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामला अपराध क्रमांक 245/2022 धारा 420 भारतीय दंड संहिता से जुड़ा है। इस मामले में प्रार्थी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा निवासी ग्राम सकर्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने एसईसीएल गेवरा प्रोजेक्ट में नौकरी लगाने का भरोसा देकर उससे और अन्य लोगों से बड़ी रकम वसूली है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सुरेश कुमार दुबे निवासी ग्राम नुनेरा, थाना पाली, जिला कोरबा ने वर्ष 2011 में प्रार्थी और अन्य पीड़ितों से करीब 12 लाख रुपये लिए थे। आरोपी ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम हासिल की, लेकिन किसी को नौकरी नहीं दिलाई। शिकायत की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम में से करीब 5 लाख 75 हजार रुपये खर्च कर बोलेरो वाहन खरीदा था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद थाना प्रभारी प्रवीण राजपूत के नेतृत्व में पुलिस और साइबर टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव नुनेरा आया हुआ है। सूचना मिलते ही साइबर टीम की मदद से पुलिस ने ग्राम नुनेरा में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने और धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सी.पी. कंवर, प्रधान आरक्षक दामोदर जायसवाल, आरक्षक सेतराम पटेल, गोपाल साहू, शत्रुघ्न जांगड़े और महिला आरक्षक लक्ष्मीन सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन बड़ी रकम न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।