वायरल वीडियो पर रेलवे ने दी सफाई, भोजन के लिए नहीं रोकी गई थी मालगाड़ी

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर पश्चिम रेलवे ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि मालगाड़ी को भोजन खरीदने के लिए नहीं रोका गया था। रेलवे के अनुसार ट्रेन पहले से निर्धारित परिचालन कारणों और इंजीनियरिंग कार्य के चलते राऊ यार्ड में होम सिग्नल पर खड़ी थी। वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं।

Jul 8, 2026 - 13:39
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वायरल वीडियो पर रेलवे ने दी सफाई, भोजन के लिए नहीं रोकी गई थी मालगाड़ी

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर पश्चिम रेलवे ने तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए वायरल दावों का खंडन किया है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मालगाड़ी को चालक दल द्वारा भोजन खरीदने के लिए बीच मार्ग में नहीं रोका गया था। वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे भ्रामक, असत्य और तथ्यों से परे हैं।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि वीडियो में दिखाई गई ट्रेन कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी थी, जिसे लोको संख्या 27237 और 27600 संचालित कर रहे थे। यह मालगाड़ी राऊ (RAU) यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण परिचालन संबंधी वजहों से होम सिग्नल पर खड़ी थी। रेलवे ने स्पष्ट किया कि ट्रेन को किसी भी निजी कार्य या भोजन खरीदने के उद्देश्य से नहीं रोका गया था।

रेलवे के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उस ट्रेन का कार्यरत सहायक लोको पायलट नहीं था, बल्कि एक स्पेयर सहायक लोको पायलट था। उसने ट्रेन के अधिकृत ठहराव के दौरान व्यक्तिगत रूप से भोजन खरीदा। इस दौरान ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में थी और उसे किसी भी समय बिना चालक दल के नहीं छोड़ा गया। ट्रेन का कार्यरत लोको पायलट और सहायक लोको पायलट दोनों अपने-अपने इंजन पर ड्यूटी का निर्वहन कर रहे थे तथा पूरी प्रक्रिया रेलवे के निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों के अनुरूप संचालित हो रही थी।

रेल प्रशासन ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को गलत तरीके से यात्री डेमू (DEMU) ट्रेन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविक घटना मालगाड़ी से संबंधित थी। तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किए जाने से आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी और रेलवे की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया।

पश्चिम रेलवे ने दोहराया कि भारतीय रेलवे में सभी ट्रेनों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों के तहत किया जाता है। किसी भी ट्रेन को किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत सुविधा के लिए बीच मार्ग में नहीं रोका जाता। रेलवे ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो, फोटो या जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें और केवल रेलवे के आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

रेलवे का कहना है कि भ्रामक और अपुष्ट जानकारी साझा करने से न केवल भ्रम फैलता है, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों की विश्वसनीयता पर भी अनावश्यक असर पड़ता है। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए और किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसके तथ्यों की जांच अवश्य करनी चाहिए।