राजनांदगांव व्यापारी महासम्मेलन में व्यापार और विकास पर मंथन, डॉ. रमन सिंह और ओपी चौधरी की घोषणाओं से व्यापारियों में उत्साह
राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय व्यापारी महासम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी शामिल हुए। सम्मेलन में व्यापारियों की समस्याओं, जीएसटी सुधार, एससीआर विस्तार और व्यापारिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय व्यापारी महासम्मेलन व्यापार, विकास और विश्वास के नए संकल्प के साथ संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की राजनांदगांव इकाई द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेशभर से व्यापारी, उद्योगपति और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमन सिंह और ओ.पी. चौधरी उपस्थित रहे, जबकि चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत राजनांदगांव इकाई अध्यक्ष कमलेश बैद द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। सम्मेलन में व्यापारियों की एकजुटता, व्यापारिक विकास, जीएसटी सुधार और राज्य के आर्थिक विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि यह महासम्मेलन व्यापारिक एकता और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने डॉ. रमन सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने हमेशा व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान करने का प्रयास किया है।
सतीश थौरानी ने अपने संबोधन में कहा कि चेम्बर लगातार व्यापारियों के हित में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार और चेम्बर के संयुक्त प्रयासों से अनेक समस्याओं का समाधान हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी रिफॉर्म के दौरान छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज देश का पहला ऐसा संगठन बना, जिसने सीधे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याएं रखीं।
सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी घोषणा तब हुई जब डॉ. रमन सिंह और ओपी चौधरी ने राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ स्टेट कैपिटल रीजन यानी एससीआर में शामिल किए जाने की जानकारी दी। इस फैसले के बाद राजनांदगांव अब रायपुर, नया रायपुर, दुर्ग और भिलाई के साथ राज्य के बड़े आर्थिक और शहरी कॉरिडोर का हिस्सा बन जाएगा। व्यापारियों ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया और इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
इसके साथ ही राजनांदगांव में साढ़े सात एकड़ भूमि पर स्पोर्ट्स अकादमी और आधुनिक स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की गई। इस घोषणा से सम्मेलन में मौजूद व्यापारियों और युवाओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
महासम्मेलन के दूसरे चरण में आधुनिक व्यापारिक तकनीकों और बिजनेस मैनेजमेंट पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रशिक्षक अखिल मेदिरत्ता ने व्यापारियों को आधुनिक तकनीक, डेटा मैनेजमेंट और बिजनेस ऑटोमेशन के जरिए व्यापार बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि सही रणनीति और तकनीक के इस्तेमाल से व्यापारी अपने व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम में अजय भसीन, बलदेव सिंह भाटिया, संतोष जैन, राजेश वासवानी, लोकेश चंद्रकांत जैन, अनूप गटागट सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और चेम्बर पदाधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन ने व्यापारिक एकता, आर्थिक विकास और नए अवसरों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया।