किलकिलेश्वर धाम में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष फोकस
पत्थलगांव के किलकिला स्थित प्राचीन किलकिलेश्वर धाम का कलेक्टर रोहित व्यास ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विकास कार्यों में तेजी, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु दो सामुदायिक शौचालय स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. लक्ष्मी जांगडे, पत्थलगांव | जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम किलकिला में स्थित प्राचीन शिव मंदिर किलकिलेश्वर धाम में शीघ्र ही विकास कार्यों को गति मिलेगी। आज कलेक्टर रोहित व्यास ने मंदिर का औचक निरीक्षण कर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि, शांति एवं विकास की कामना की तथा मंदिर के महंत बाबा कपिल दास से आशीर्वाद प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंदिर समिति अध्यक्ष अशोक अग्रवाल एवं समिति के अन्य सदस्यों से चर्चा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मूलभूत अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत मंदिर परिसर में प्रस्तावित बाउंड्रीवाल, स्वागत गेट एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र पूर्ण कर टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि कार्य जल्द शुरू हो सकें और दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
कलेक्टर व्यास ने मंदिर परिसर स्थित तालाब में घाट निर्माण के प्रस्ताव की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि इससे संबंधित सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी की जाएं। वहीं मंदिर समिति द्वारा शौचालय की आवश्यकता बताए जाने पर उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मंदिर परिसर में दो सामुदायिक शौचालय स्वीकृत कर निर्माण कराने के निर्देश दिए, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा परिसर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर के समग्र सौंदर्यीकरण हेतु कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि किलकिलेश्वर धाम को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।