रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के मास्टरमाइंड पर शिकंजा, क्राइम ब्रांच ने दो खाईवालों को लिया हिरासत में
रायपुर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के कथित मास्टरमाइंड अमित जंघेल और उसके साथी मोंटू को हिरासत में लिया है। दोनों पर शहर के कई इलाकों में आईडी देकर ऑनलाइन सट्टा संचालित कराने का आरोप है। कार्रवाई रायगढ़ पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रायपुर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन सट्टे के कथित मास्टरमाइंड अमित जंघेल और उसके साथी मोंटू को हिरासत में लिया है। दोनों पर शहर के अलग-अलग इलाकों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कराने और आईडी उपलब्ध कराकर अवैध नेटवर्क चलाने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद शहर में सक्रिय सट्टा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार अमित जंघेल लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसे इस नेटवर्क का पुराना खिलाड़ी माना जाता है। बताया जा रहा है कि वह शहर के कई इलाकों में अपने एजेंटों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे की आईडी उपलब्ध कराता था। स्टेशन लोधीपारा, गुढ़ियारी, श्रीनगर, गोंगांव, कोटा, रामसागरपारा, बढ़ईपारा और फाफाडीह जैसे क्षेत्रों में उसका नेटवर्क सक्रिय बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अमित जंघेल का साथी मोंटू एमजी रोड क्षेत्र में पान दुकान की आड़ में ऑनलाइन सट्टे का संचालन करता था। आरोप है कि दुकान की आड़ लेकर मोबाइल और इंटरनेट के जरिए सट्टेबाजी का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि इनके जरिए बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक दोनों के तार कथित “एमएन गैंग” से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि रायगढ़ पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर रायपुर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में लिया। इसके बाद उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नेटवर्क कितना बड़ा है और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही है।
ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। मोबाइल फोन और इंटरनेट की आसान पहुंच के कारण शहरों के साथ छोटे इलाकों में भी इसका नेटवर्क फैल चुका है। कई मामलों में सट्टा कारोबारियों द्वारा मोबाइल एप, ऑनलाइन आईडी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अवैध बेटिंग कराई जाती है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक समस्याओं को भी जन्म देती है। लगातार हार और लालच के कारण कई लोग कर्ज और तनाव का शिकार हो जाते हैं। इसी वजह से पुलिस और साइबर टीमें लगातार ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें और ऐसी किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल पुलिस को दें।