उरला फैक्ट्री ब्लास्ट पर कांग्रेस का हमला, उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
उरला स्थित थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए विस्फोट और मजदूरों की मौत के बाद कांग्रेस असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने राज्य सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों में लगातार हो रही दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम हैं और यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l उरला स्थित थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए विस्फोट में तीन मजदूरों की मौत तथा एक अन्य मजदूर के मृत होने की घटना के बाद प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में कांग्रेस असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने राज्य सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही औद्योगिक दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में मोहम्मद सिद्दीक ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न उद्योगों में समय-समय पर हादसे सामने आ रहे हैं, जिनमें कई श्रमिक अपनी जान गंवा चुके हैं। उनके अनुसार इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
मोहम्मद सिद्दीक का आरोप है कि अनेक औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिसके कारण दुर्घटना होने पर उन्हें गंभीर नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए और नियमित निरीक्षण किए जाएं तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि औद्योगिक सुरक्षा को लेकर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की आवश्यकता है। उनके अनुसार केवल दुर्घटना के बाद मुआवजा घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में मोहम्मद सिद्दीक ने दावा किया कि उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों के परिजनों को अलग-अलग राशि के रूप में मुआवजा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे किसी परिवार की अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं हो सकती। उनका मानना है कि सरकार और उद्योग प्रबंधन को भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ श्रमिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करेगा।
मोहम्मद सिद्दीक ने उद्योग प्रबंधन से भी अपील की कि वे कार्यस्थलों पर सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें और श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं। उनका कहना है कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसमें काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
फिलहाल उरला फैक्ट्री हादसे की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों का निर्धारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं कांग्रेस ने इस घटना को श्रमिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से उद्योगों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।