औद्योगिक हादसों को लेकर कांग्रेस असंगठित क्षेत्र प्रकोष्ठ आक्रामक, सुरक्षा ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

रायपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, विशेषज्ञ टीम से तकनीकी निरीक्षण कराने, नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योग प्रबंधन पर कार्रवाई तथा हादसों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों के निशुल्क उपचार की मांग की।

Aug 13, 2026 - 18:22
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औद्योगिक हादसों को लेकर कांग्रेस असंगठित क्षेत्र प्रकोष्ठ आक्रामक, सुरक्षा ऑडिट और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ ने मोर्चा खोल दिया है। प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर औद्योगिक हादसों पर तत्काल सख्त कार्रवाई तथा सभी प्रमुख औद्योगिक संयंत्रों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की।

मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण श्रमिकों की जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुनाफे के दबाव में सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाना चाहिए और संबंधित विभाग को नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

ज्ञापन में हाल के विभिन्न औद्योगिक हादसों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की गई। प्रकोष्ठ ने ग्राम कन्हेरा स्थित सौरभ (सागर) टीएमटी में फर्नेस ब्लास्ट, उरला स्थित थ्री-डी कंपनी में हुए हादसे तथा रायपुर-बलौदाबाजार स्टील प्लांट और सिलतरा स्थित गोदावरी पावर में हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की मांग की।

कांग्रेस प्रकोष्ठ ने मांग की कि उरला, सिलतरा और भनपुरी सहित जिले के सभी औद्योगिक संयंत्रों में फर्नेस, क्रेन, गैस सिलेंडर तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों का विशेषज्ञ टीम से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले कारखानों और दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में हादसों में प्रभावित श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा तथा घायलों के निशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। प्रकोष्ठ ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मोहम्मद सिद्दीक ने चेतावनी दी कि यदि औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग तथा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा के लिए शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ मजदूरों को एकजुट कर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और श्रमिकों के जीवन की रक्षा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकोष्ठ के महासचिव शाहिद खान, सचिव प्रदुम्न शर्मा, अजय दास सन्नी और विजय बाफना सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।