देवशयनी एकादशी पर रायपुर हनुमान मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 12 हजार भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद

रायपुर रेलवे स्टेशन स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में देवशयनी एकादशी और शनिवार के अवसर पर विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया। कुबेर राठी के नेतृत्व में 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया, जबकि राहगीरों को बारिश से बचाव के लिए 2,000 छातों का वितरण भी किया गया।

Jul 27, 2026 - 17:01
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देवशयनी एकादशी पर रायपुर हनुमान मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 12 हजार भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में शनिवार और देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भक्ति, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी के नेतृत्व में आयोजित विशाल महाभंडारे में लगभग 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान का महाप्रसाद ग्रहण किया। वर्ष 2009 से लगातार आयोजित हो रही यह सेवा परंपरा इस बार भी पूरे उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुई।

महाभंडारा तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण की शुरुआत दोपहर 12 बजे पूजा-अर्चना के साथ हुई। देश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और धार्मिक वातावरण में भागीदारी निभाई।

मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए सेवा समिति ने सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों एवं राहगीरों को लगभग 2,000 छातों का निःशुल्क वितरण किया। इस पहल की लोगों ने सराहना करते हुए इसे जरूरतमंदों के लिए उपयोगी सेवा बताया।

दूसरे चरण में अयप्पा सेवा संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महाभंडारे में भाग लेकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आयोजन केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने वर्षों से लगातार चल रही इस सेवा परंपरा की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय बताया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर प्रतिवर्ष हजारों लोगों को निस्वार्थ भाव से भोजन कराना सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।

शाम के तीसरे चरण की शुरुआत भव्य संध्या आरती से हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली की आराधना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के जयघोष से गूंज उठा। भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

वक्ताओं ने दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दक्षिणमुखी हनुमान स्वरूप संकटों का नाश करने वाला और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला माना जाता है। यही कारण है कि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसाद वितरण और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अनुशासित व्यवस्था के कारण हजारों श्रद्धालुओं ने बिना किसी परेशानी के महाप्रसाद ग्रहण किया।

करीब 17 वर्षों से निरंतर जारी यह महाभंडारा आज रायपुर की प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक सेवा परंपराओं में शामिल हो चुका है। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सेवा, श्रद्धा और मानवता का संगम समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मंदिर सेवा समिति ने भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा और धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।