उद्घाटन समारोह में उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता हितों की रक्षा और न्याय की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बढ़ते मामलों और लंबित शिकायतों को देखते हुए इस अतिरिक्त पीठ की स्थापना की गई है, जिससे मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सकेगा।
नई अतिरिक्त पीठ की जिम्मेदारी प्रशांत कुंडु को अध्यक्ष और आनंद वर्गीस को सदस्य के रूप में सौंपी गई है। उद्घाटन के साथ ही इस पीठ में मामलों की सुनवाई भी शुरू कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और विभागीय अधिकारियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह व्यवस्था संभव हो पाई है।
इस अवसर पर राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं अधिवक्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आयोग के सदस्य प्रमोद वर्मा, रजिस्ट्रार श्रीनिवास तिवारी, जिला आयोग के अध्यक्ष डी.पी. शर्मा और अन्य सदस्य शामिल हुए। साथ ही जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त पीठ बनने से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों को न्याय पाने में लगने वाला समय भी घटेगा। इससे न्याय प्रणाली में लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
आज के समय में उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और तेज बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस अतिरिक्त पीठ की स्थापना उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि आयोग भविष्य में भी उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए नए उपायों पर काम करता रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि हर उपभोक्ता को न्याय समय पर मिले।
कुल मिलाकर, रायपुर में जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त पीठ का उद्घाटन न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता को राहत देने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।