समारोह की शुरुआत सीए चेतन तारवानी के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए पुलिस विभाग की त्वरित एवं सराहनीय कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने समारोह के उद्देश्य और महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में क्राइम ब्रांच की पुलिस उपायुक्त स्मृतिका रंजनाला ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि क्राइम ब्रांच की टीम कई बार बिना वर्दी के भी दिन-रात लोगों की सेवा और सुरक्षा के लिए कार्य करती है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के सम्मान में आयोजित ऐसे कार्यक्रम उन्हें प्रोत्साहित करते हैं और बेहतर एवं समर्पित तरीके से कार्य करने की ऊर्जा देते हैं।
सिविल लाइंस के सहायक पुलिस आयुक्त रामाकांत साहू ने तारवानी एंड एसोसिएट्स के पूरे स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के बीच सकारात्मक संवाद आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करता है। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, सतर्कता, टीमवर्क और जिम्मेदारी जैसे विषयों पर भी विचार रखे।
समारोह के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मान किया गया। इसके बाद संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और आर्टिकल्स ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। पुलिस अधिकारियों ने सवालों के सहज और स्पष्ट उत्तर देते हुए अपने अनुभव साझा किए। इससे कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और संवादपूर्ण बना।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, आर्टिकल्स, प्रेस प्रतिनिधियों, सुहिणी सोच महिला मंडल की महिलाओं तथा अन्य सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर सीए चेतन तारवानी, डीसीपी क्राइम ब्रांच स्मृतिका रंजनाला, एसीपी सिविल लाइंस रामाकांत साहू, एसडीओपी तमन देवांगन, टीआई राकेश राठिया सहित पुलिस अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संचालन में वंशिका अग्रवाल, नैंसी शर्मा और साधना साहू ने एंकर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न सत्रों को सहज और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया।
समारोह के अंत में सीए दिनेश तारवानी ने सभी पुलिस अधिकारियों, अतिथियों, सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और धन्यवाद ज्ञापित किया।
समग्र रूप से यह आयोजन पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ पुलिस एवं समाज के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने वाली पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और उनके समर्पण को करीब से समझने का अवसर मिला।