पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल पिपरिया व सहसपुर लोहारा में पायलट प्रोजेक्ट ऑन स्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम संपन्न
कवर्धा जिले के पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पिपरिया एवं सहसपुर लोहारा में पायलट प्रोजेक्ट ऑन स्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण और सॉयल हेल्थ कार्ड के महत्व की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। पायलट प्रोजेक्ट ऑन स्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पिपरिया एवं पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सहसपुर लोहारा में मृदा स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को कृषि एवं मृदा संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराना रहा।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों जैसे मृदा नमूना एकत्रीकरण की सही विधि, नमूनों का प्रयोगशाला स्तर पर विश्लेषण, सॉयल हेल्थ कार्ड का महत्व तथा मृदा परीक्षण के आधार पर रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। छात्रों को यह भी बताया गया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन लागत में कमी लाकर अधिक उपज प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र नेवारी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी. पी. त्रिपाठी, विषयवस्तु विशेषज्ञ डॉ. बी. एस. परिहार एवं एन. सी. बंजारा द्वारा विद्यार्थियों को सॉयल हेल्थ कार्ड से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने मृदा नमूना संग्रहण की प्रक्रिया, मृदा परीक्षण के प्रमुख मानक, फसलों के चयन तथा उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सौरभ झा द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि जैविक खाद एवं संतुलित मात्रा में उर्वरकों के प्रयोग से किस प्रकार खेती की लागत को कम करते हुए फसल उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। वहीं कृषि विभाग के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर (आत्मा) सुशील कुमार वर्मा ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्कूल सॉयल हेल्थ कार्ड कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रयोगशाला सहायक कीर्ति सलूजा एवं जानकी दीवान द्वारा विद्यार्थियों को मृदा नमूना विश्लेषण का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें मृदा पीएच परीक्षण सहित 12 प्रमुख पैरामीटर की जानकारी दी गई। इस दौरान छात्रों से कृषि विषय पर संवाद किया गया तथा जिला कबीरधाम की भौगोलिक मृदा संरचना के संबंध में भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इस पहल से छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ-साथ भविष्य में कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ने की अपेक्षा जताई गई।