अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित योजना के तहत वर्ष 2025-26 में जनरल स्टोर व्यवसाय के लिए स्वीकृत ऋण के विरुद्ध ममता गंधर्व को 50 हजार रुपये की अनुदान राशि प्रदान की गई। अनुदान और ऋण सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने जनरल स्टोर का विस्तार किया और व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
छोटी दुकान से शुरू हुआ सफर
योजना का लाभ मिलने से पहले ममता गंधर्व छोटी दुकान के साथ कृषि कार्य के माध्यम से परिवार की जरूरतें पूरी करती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान उन्हें जिला अंत्यावसायी विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी मिली।
योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित विभाग से संपर्क किया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें ऋण और अनुदान सहायता प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने जनरल स्टोर के विस्तार और व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने में किया।
व्यवसाय से आय में सुधार
जनरल स्टोर का संचालन शुरू होने और दुकान का विस्तार होने के बाद ममता गंधर्व की आमदनी में सुधार आने की जानकारी दी गई है। अब वह परिवार की आर्थिक जरूरतों में स्वयं योगदान कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर व्यवसाय होने से उन्हें रोजगार के लिए बाहर जाने या काम की तलाश करने की जरूरत भी कम हुई है।
व्यवसाय से होने वाली आय से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा मिलने की बात कही गई है। ममता गंधर्व नियमित रूप से ऋण की किस्तें जमा कर रही हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलने वाला मार्गदर्शन भी व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित करने में उनके लिए उपयोगी बताया गया है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता परिवार
ममता गंधर्व की कहानी शासकीय योजनाओं के माध्यम से मिलने वाली वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन के जरिए स्वरोजगार को आगे बढ़ाने के प्रयास का उदाहरण प्रस्तुत करती है। जनरल स्टोर के माध्यम से वह परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत हैं।
ममता गंधर्व ने योजना का लाभ मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि आर्थिक सहायता से उन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से ऋण की किस्त जमा कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दे पा रही हैं।
उन्होंने योजना का लाभ दिलाने और व्यवसाय के लिए सहयोग उपलब्ध कराने के लिए जिला अंत्यावसायी विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐसी योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता करना है।