पुलिस के मुताबिक प्रकरण में मनकी राम भास्कर ने 14 सितंबर 2026 को पुलिस चौकी दामापुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी जमीन के भुगतान के लिए चेक दिए गए और उन्हीं के आधार पर जमीन का रजिस्ट्रीकरण कराया गया।
शिकायत के अनुसार खसरा नंबर 29/9, रकबा 0.6150 हेक्टेयर भूमि के संबंध में 1 जुलाई 2026 को चेक प्रस्तुत किया गया था। वहीं खसरा नंबर 51/05 और 52/01, जिनका रकबा क्रमशः 0.2590 और 0.1910 हेक्टेयर है, उनके संबंध में 19 फरवरी 2026 को चेक दिए गए थे। पुलिस के अनुसार इन चेकों में क्रमशः 12 लाख 30 हजार रुपये और 10 लाख 30 हजार रुपये की राशि अंकित थी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जमीन का रजिस्ट्रीकरण कराया गया था।
शिकायत के आधार पर थाना कुंडा में अपराध क्रमांक 134/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने संबंधित जमीन और रजिस्ट्री दस्तावेजों का निरीक्षण किया और शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को जब्त किया। इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों और संबंधित चेकों के संबंध में बैंक से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस ने उप पंजीयक कार्यालय पंडरिया से भी संबंधित रजिस्ट्री और अभिलेखों की जानकारी लेकर उनका परीक्षण किया।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान प्राप्त दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद वैधानिक कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन कुमार टण्डन, किशन कुमार टण्डन और बलीराम टण्डन के रूप में हुई है। तीनों ग्राम गिरधारीकापा, पुलिस चौकी दामापुर, थाना कुंडा, जिला कबीरधाम के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 29 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस के मुताबिक मामले में बैंक संबंधी अभिलेख, रजिस्ट्री दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का परीक्षण अभी जारी है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में दामापुर चौकी प्रभारी रोसन लाल टोंडरे के नेतृत्व में हेमंत चंद्रवंशी, दिलीप लहरे, फागू और अजय पैकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।