गाड़ियों की तेज हेडलाइट से मिलेगी राहत, मोदी सरकार ला रही नया नियम; बाइक से कार तक होगा असर

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वाहनों की तेज हेडलाइट से होने वाली चकाचौंध को कम करने के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में संशोधन का ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। नए नियमों में दोपहिया वाहनों के ऑटोमैटिक हेडलैंप को लो-बीम पर रखने, हेडलाइट की अधिकतम तीव्रता घटाने, कलर टेम्परेचर 6,500 Kelvin तक सीमित करने और शहरों में अनावश्यक हाई-बीम इस्तेमाल पर ऑडियो अलर्ट देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य रात में सड़क पर विजिबिलिटी बढ़ाना और हादसों के जोखिम को कम करना है। मंत्रालय ने संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

Aug 26, 2026 - 12:08
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गाड़ियों की तेज हेडलाइट से मिलेगी राहत, मोदी सरकार ला रही नया नियम; बाइक से कार तक होगा असर

UNITED NEWS OF ASIA. रात के समय सड़क पर वाहन चलाते हुए सामने से आने वाली तेज हेडलाइट अक्सर वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती है। खासकर हाई-बीम पर चलने वाली तेज रोशनी से सामने से आने वाले चालक की आंखें कुछ समय के लिए चकाचौंध हो जाती हैं और सड़क पर मौजूद वाहन, पैदल यात्री या अन्य बाधाएं स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार अब वाहनों की हेडलाइट से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में संशोधन का ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है।

प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य वाहनों की हेडलाइट से होने वाली ग्लेयर को कम करना और रात के समय सड़क पर विजिबिलिटी को बेहतर बनाना है। इसके तहत नए दोपहिया वाहनों में ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन यानी AHO सिस्टम सक्रिय रहने पर हेडलाइट को सामान्य स्थिति में केवल पासिंग बीम यानी लो-बीम पर रखने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मतलब है कि हेडलाइट अपने आप ऑन रहेगी, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में हाई-बीम के बजाय लो-बीम का इस्तेमाल होगा। मौजूदा दोपहिया वाहनों को इस प्रस्तावित बदलाव के दायरे से बाहर रखा गया है।

हेडलाइट की रोशनी की अधिकतम तीव्रता को लेकर भी नए मानक प्रस्तावित किए गए हैं। दोपहिया वाहनों के लिए अधिकतम तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला से घटाकर 1 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। वहीं कारों के लिए यह सीमा 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य सामने से आने वाले वाहन के चालक की आंखों पर पड़ने वाली अत्यधिक तेज रोशनी को नियंत्रित करना है।

हेडलाइट के कलर टेम्परेचर को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित है। नए प्रावधान के तहत हेडलाइट का कलर टेम्परेचर 6,500 Kelvin से अधिक नहीं रखने का प्रस्ताव है। इससे अत्यधिक सफेद या नीली रोशनी वाली हेडलाइट से होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।

शहरों में अनावश्यक हाई-बीम के इस्तेमाल को लेकर भी वाहन चालकों को अलर्ट देने का प्रस्ताव है। यदि किसी वाहन में ऐसी जगह हाई-बीम का इस्तेमाल किया जाता है जहां इसकी आवश्यकता नहीं है, तो वाहन की ओर से ऑडियो चेतावनी दी जा सकती है। हालांकि हाईवे पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार में इस तरह का अलर्ट नहीं देने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि तेज गति से वाहन चलाते समय अनावश्यक चेतावनियां परेशानी न बनें।

सरकार के प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है। रात के समय तेज हेडलाइट की चकाचौंध के कारण चालक को कुछ क्षणों के लिए सड़क की स्थिति समझने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में हेडलाइट की तीव्रता, रंग और हाई-बीम के इस्तेमाल को नियंत्रित करने से सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल ये सभी बदलाव प्रस्तावित हैं और अंतिम नियम लागू नहीं हुए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने संबंधित हितधारकों से निर्धारित अवधि में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी मिलने के बाद इन्हें लागू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।