UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ में प्रस्तावित चूना-पत्थर खनन एवं श्री सीमेंट परियोजना के विरोध में दनिया, अतरिया, हनईबन, उदयपुर और आसपास के प्रभावित गांवों के युवाओं ने तिरंगा लेकर बाइक रैली निकाली। किसान अधिकार संघर्ष समिति के मार्गदर्शन में आयोजित यह रैली ग्राम पंडरिया स्थित हनुमान मंदिर से शुरू हुई और पंडरिया, उदयपुर, बाजार अतरिया होते हुए खैरागढ़ पहुंची। बड़ी संख्या में शामिल युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर प्रस्तावित परियोजना का विरोध किया और क्षेत्र की कृषि भूमि, जलस्रोत तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने की मांग उठाई।
रैली के खैरागढ़ पहुंचने के बाद युवा कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना को निरस्त करने तथा दोबारा जनसुनवाई नहीं कराने की मांग की गई। युवाओं ने कहा कि परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में परिवार कृषि पर निर्भर हैं और उनकी आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी हुई है। युवाओं ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आगे व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
पत्रकार वार्ता के दौरान युवाओं ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना से जुड़े क्षेत्र के करीब 40 गांवों में लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश युवा कृषि कार्य से जुड़े हैं और वर्तमान में पारंपरिक खेती के साथ केला, पपीता जैसी नकदी फसलों की ओर भी आगे बढ़ रहे हैं। युवाओं ने कहा कि वे अपनी कृषि भूमि पर ही रोजगार और आजीविका के अवसर विकसित करना चाहते हैं तथा सीमेंट संयंत्र में नौकरी को अपनी प्राथमिकता नहीं मानते।
युवाओं ने प्रस्तावित खनन गतिविधियों को लेकर पर्यावरण और कृषि भूमि पर संभावित प्रभावों की चिंता भी व्यक्त की। उनका दावा है कि लंबे समय तक खनन होने से क्षेत्र की भूमि की उर्वरता प्रभावित हो सकती है और आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने बलौदाबाजार क्षेत्र में बढ़ती सीमेंट फैक्ट्रियों का उदाहरण देते हुए खनन और औद्योगिक विस्तार के प्रभावों पर सवाल उठाए।
आंदोलनरत युवाओं ने स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने, जलस्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बहुफसली कृषि भूमि को संरक्षित रखने की मांग की। युवाओं ने कहा कि विकास परियोजनाओं पर निर्णय लेते समय स्थानीय लोगों की आजीविका, पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
युवाओं की समिति अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल के नेतृत्व में चल रहे महिलाओं के आंदोलन को भी युवाओं ने समर्थन दिया। रैली खैरागढ़ से आगे छुईखदान होते हुए वापस पंडरिया पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। इस दौरान युवाओं ने परियोजना के विरोध में अपनी मांगों को मजबूती से उठाते हुए प्रशासन से क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की अपील की।