फुंडहर गौठान की निर्धारित क्षमता लगभग 260 गौवंश की बताई गई, जबकि निरीक्षण के दौरान यहां करीब 560 गौवंश पाए गए। क्षमता से इतनी अधिक संख्या में गौवंश मिलने पर महापौर ने अधिकारियों से सवाल किया कि निर्धारित क्षमता से अधिक पशुओं को यहां रखने की व्यवस्था किस आधार पर की गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक गौवंश होने की स्थिति में चारा-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और सुरक्षित रखरखाव जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों और गौठान संचालक को तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार करने तथा गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश की सेवा और सुरक्षा नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान फुंडहर गौठान से संबंधित रिकॉर्ड में भी संख्या को लेकर विसंगति सामने आई। जोन कमिश्नर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 1 नवंबर 2025 को 236 गौवंश के साथ गौठान संचालक को पशु सौंपे गए थे, जबकि 30 नवंबर 2025 को रिकॉर्ड में गौवंश की संख्या 465 दर्ज की गई थी। महापौर ने इस अंतर को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
मीनल चौबे ने कहा कि गौठानों में रखे गए गौवंश की संख्या से संबंधित रिकॉर्ड वास्तविक स्थिति के अनुरूप और पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद गौवंश की संख्या में किसी भी प्रकार का अंतर पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक गौठान से दूसरे गौठान में गौवंश के स्थानांतरण की पूरी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज की जाए और संबंधित जोन अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें।
महापौर ने फुंडहर गौठान में साफ-सफाई, पर्याप्त चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित रखरखाव को तत्काल बेहतर करने के निर्देश दिए। गौठान संचालक से जुड़े लंबित भुगतान का विषय सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने और अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश भी दिए।
इसके बाद महापौर ने अटारी, गोकुलधाम गोकुल नगर और जरवाय गौठानों का निरीक्षण किया। इन गौठानों में गौवंश की संख्या निर्धारित क्षमता के अनुरूप पाई गई और व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। महापौर ने कहा कि जब अन्य गौठानों में क्षमता के अनुसार गौवंश रखा जा रहा है, तो फुंडहर गौठान में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक पशु पहुंचने की स्थिति की पूरी जांच जरूरी है।
महापौर ने सभी जोन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के गौठानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौवंश के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए पशु चिकित्सक की व्यवस्था, पर्याप्त चारा-पानी, स्वच्छता और सुरक्षित रखरखाव की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौठानों की व्यवस्थाएं केवल रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि मौके पर भी बेहतर दिखाई देनी चाहिए।