चौरई के ग्राम कलकोटी में शासकीय और जंगल भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप, ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन

छिंदवाड़ा जिले के चौरई तहसील अंतर्गत ग्राम कलकोटी में शासकीय और जंगल भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। ओबीसी महासभा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, रोवर मशीन से भूमि सीमांकन और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की है। महासभा के अनुसार ग्रामीणों ने पूर्व में भी प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई लंबित है। संगठन ने आरोपों की जांच कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।

Aug 26, 2026 - 09:16
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चौरई के ग्राम कलकोटी में शासकीय और जंगल भूमि पर कथित अतिक्रमण का आरोप, ओबीसी महासभा ने सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले की चौरई तहसील के ग्राम कलकोटी में शासकीय और जंगल भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर ओबीसी महासभा ने मंगलवार 25 अगस्त 2026 को जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और कथित अतिक्रमण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि ग्रामवासियों की शिकायतों के आधार पर शासकीय भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विधिवत सीमांकन कराया जाना जरूरी है।

ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष लोधी विपिन वर्मा ने बताया कि ग्रामवासियों के अनुसार ग्राम कलकोटी में स्थित शासकीय भूमि के खसरा नंबर 342/1, जिसका रकबा लगभग 13.579 हेक्टेयर बताया गया है, सहित जंगल भूमि पर कथित रूप से कब्जा किए जाने की शिकायत है। आरोप है कि अतरलाल वर्मा और भागलाल वर्मा द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण कराया गया है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन निर्माण किया गया तथा निर्मित आवास पर बैंक से ऋण प्राप्त किया गया है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके अलावा खाली पड़ी भूमि पर कथित रूप से प्लाट काटकर बिक्री की जा रही है। ओबीसी महासभा ने दावा किया कि यदि शासकीय भूमि पर इस तरह का अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग हुई है तो इससे शासन को राजस्व की क्षति हो सकती है। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की दस्तावेजों और स्थल की स्थिति के आधार पर जांच कराने की मांग की है।

ग्राम कलकोटी निवासी आवेदक रविशंकर वर्मा के अनुसार इस मामले में पूर्व में एसडीएम चौरई के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिकायत के बाद स्थल निरीक्षण में अतिक्रमण पाए जाने की स्थिति में उसे हटाने के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अब तक संबंधित आदेश का पालन नहीं हुआ है।

ज्ञापन में हल्का पटवारी और राजस्व निरीक्षक द्वारा रोवर मशीन से सीमांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित भूमि को दोनों भाइयों की निजी भूमि बताया जा रहा है, जबकि ग्रामीणों की ओर से इसे शासकीय और जंगल भूमि बताया जा रहा है। इसी वजह से भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधुनिक तकनीक से सीमांकन कराने की मांग की गई है।

ओबीसी महासभा के जिला अध्यक्ष लोधी विपिन वर्मा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासकीय एवं जंगल भूमि का विधिवत सीमांकन कराया जाए। यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोधी विपिन वर्मा, संजय विश्वकर्मा, भोलाराम, रवि वर्मा, अंकित वर्मा, आसाराम वर्मा सहित ग्रामवासी और ओबीसी महासभा के पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई कर ग्रामीणों की शिकायतों का निराकरण करने की मांग की है।