जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों और उनके परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। ओपीडी में पंजीयन कराने के बाद मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अस्पताल परिसर में भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ दिखाई दी। कई मरीज अपने परिजनों के साथ उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन दिनों सर्दी, खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मौसम में अचानक बदलाव और तापमान में उतार चढ़ाव को इसके प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में भी मौसम परिवर्तन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें सामने आ रही हैं।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रकाश ढोके ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण ओपीडी में सर्दी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की चिकित्सकों द्वारा जांच की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन के दौरान लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन के सामने ओपीडी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती भी बढ़ गई है। बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने के कारण पंजीयन, जांच और चिकित्सकीय परामर्श की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना जरूरी हो गया है। मरीजों ने भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए पंजीयन और जांच प्रक्रिया को और बेहतर तरीके से संचालित करने की आवश्यकता बताई।
चिकित्सकों के अनुसार बदलते मौसम में लोगों को खानपान और साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पर्याप्त पानी पीने, मौसम के अनुरूप कपड़े पहनने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी है। लगातार बुखार, तेज खांसी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
फिलहाल जिला अस्पताल की ओपीडी में बढ़ती मरीजों की संख्या से मौसम परिवर्तन के साथ मौसमी बीमारियों के बढ़ते असर का संकेत मिल रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लोगों की नजर बनी हुई है।