नगर निवेश विभाग की टीम ने संबंधित निर्माणकर्ताओं को नियमानुसार प्रक्रिया के तहत पहले नोटिस जारी किया था। इसके बाद अनुमति के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से दोनों निर्माणाधीन भवनों के फ्रंट एमओएस भवन भाग को हटाने की कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने अभियानपूर्वक मौके पर पहुंचकर भवन के ऐसे हिस्से को हटाया, जिसका निर्माण स्वीकृत अनुमति के अनुरूप नहीं किया जा रहा था।
यह कार्रवाई जोन 5 के जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता नागेश रामटेके और उपअभियंता टिकेन्द्र चंद्राकर सहित नगर निवेश विभाग की टीम मौजूद रही।
नगर निगम प्रशासन द्वारा भवन निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों का पालन करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। निगम क्षेत्र में किसी भी भवन का निर्माण निर्धारित अनुमति और प्रावधानों के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। स्वीकृति के विपरीत निर्माण पाए जाने पर संबंधित निर्माणकर्ता को नियमानुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
भाठागांव ब्रम्हदेव कॉलोनी में की गई कार्रवाई के दौरान निगम टीम ने यह सुनिश्चित किया कि अनुमति के विपरीत निर्मित भवन के हिस्से को हटाया जाए। कार्रवाई से यह संदेश भी दिया गया कि भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणकर्ताओं के विरुद्ध नगर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
नगर निवेश विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में व्यवस्थित और नियमानुसार निर्माण व्यवस्था को बनाए रखना है। भवन निर्माण में निर्धारित सेटबैक, एमओएस और अन्य तकनीकी प्रावधानों का पालन शहरी नियोजन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे भवनों के बीच आवश्यक खुला स्थान बनाए रखने के साथ क्षेत्र में बेहतर आवागमन और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
निगम प्रशासन ने अपने स्तर पर भवन निर्माण गतिविधियों की निगरानी और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई जारी रखने की दिशा में काम किया है। भाठागांव में हुई कार्रवाई भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस देने के बाद नियमानुसार कदम उठाया गया।
जोन 5 नगर निवेश विभाग की इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया और अनुमति के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई पूरी की। निगम प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत भवन अनुज्ञा के विपरीत निर्माण किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।