नेशनल लोक अदालत की तैयारी तेज, अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण पर जोर

बेमेतरा में 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम, बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं तथा बैंक और फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के अधिकतम निराकरण पर चर्चा हुई। पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

Aug 13, 2026 - 18:00
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नेशनल लोक अदालत की तैयारी तेज, अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन और अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम एवं बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं के साथ-साथ बैंक और फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया।

यह बैठक 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की गई, जिसमें लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सरोज नंद दास ने की। इस दौरान प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वर्णलता ओम यादव भी उपस्थित रहीं।

बैठक में आर्बिट्रेशन, क्लेम और बीमा कंपनियों से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने संबंधित अधिवक्ताओं को निर्देशित किया कि वे पक्षकारों के साथ प्री-सिटिंग आयोजित कर आपसी सुलह और समझौते की संभावनाओं को बढ़ावा दें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके।

अधिवक्ताओं से कहा गया कि वे अपने-अपने प्रकरणों के पक्षकारों से संवाद स्थापित कर उन्हें लोक अदालत के लाभों के बारे में जानकारी दें तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करें। लोक अदालत के माध्यम से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि पक्षकारों के बीच संबंध भी सौहार्दपूर्ण बने रहते हैं।

बैठक में बैंक और फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की गई। अधिकारियों से अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन प्रकरण नेशनल लोक अदालत के लिए प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया। साथ ही प्रकरणों के समयबद्ध पंजीयन, नोटिस तामिली और पक्षकारों के साथ समझौता प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि नेशनल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, सुलभ और त्वरित बनाना है। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों के समाधान से न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलती है।

बैठक में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं और अधिकारियों ने नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक मामलों के निराकरण के लिए समन्वित प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उम्मीद जताई कि आगामी लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जा सकेगा।