कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण फोरम एवं नरेंद्र मोदी विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश दास मिश्रा ने संगठन की अब तक की रचनात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने आगामी समय में किए जाने वाले कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक स्तर पर मजबूती प्रदान करना और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी भूमिका निभाना रहा।
बैठक में मंच के प्रणेता तथा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल पर विशेष चर्चा की गई। इसी क्रम में आम नागरिकों को सौर ऊर्जा के उपयोग, उसके फायदे और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए एक विशेष जूम मीटिंग का आयोजन किया गया।
इस ऑनलाइन सत्र में दिल्ली से जुड़े विशेषज्ञों एवं Farmer Council of India से जुड़े प्रतिनिधियों ने विस्तार से जानकारी साझा की। केंद्र सरकार द्वारा घरेलू उपयोग के लिए 1 किलोवाट, 2 किलोवाट एवं 3 किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी, अनुदान की प्रक्रिया तथा गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की पहचान के विषय में उपस्थित लोगों को मार्गदर्शन दिया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि सौर ऊर्जा से संबंधित गतिविधियां तीन प्रमुख स्तरों पर की जा सकती हैं। पहला, व्यक्तिगत मकान पर सोलर प्लांट लगाना। दूसरा, सामूहिक एवं सामुदायिक व्यवसाय के स्तर पर सोलर प्लांट स्थापित करना, जिसमें फिलहाल किसी प्रकार की सब्सिडी या अनुदान नहीं दिया जा रहा है। तीसरा, व्यावसायिक स्तर पर किसी उद्योग, कारखाने या सामुदायिक संस्थान द्वारा सोलर प्लांट लगाना।
जानकारी दी गई कि सब्सिडी आधारित सोलर प्लांट पर पांच वर्ष का बीमा उपलब्ध रहता है। वहीं यदि कोई उद्योग या संस्थान व्यावसायिक आधार पर सोलर प्लांट लगाता है तो उसे पिछले पांच से छह माह के औसत बिजली बिल के आधार पर लगातार पांच वर्षों तक निर्धारित राशि सोलर कंपनी को देनी होती है। सर्वे के बाद कंपनी 25 वर्ष की वारंटी के साथ संयंत्र स्थापित करती है। इसके बाद संस्थान की बिजली व्यवस्था आत्मनिर्भर हो जाती है।
किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध सोलर कनेक्शन, सरकारी संस्थानों, स्कूलों एवं शैक्षणिक परिसरों में सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि शनिवार और रविवार जैसे अवकाश के दिनों में उत्पादित अतिरिक्त बिजली सरकार को दी जा सकती है, जिसका मूल्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है।
बैठक में यह भी घोषणा की गई कि भविष्य में सौर ऊर्जा क्षेत्र में कार्य करने के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सोलर प्लांट की मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी कार्यों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकें।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव दास जी साहू के नेतृत्व में विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। मंच के प्रदेश महामंत्री, मीडिया प्रभारी, महिला मोर्चा, मुस्लिम मंच, जिला एवं तहसील स्तर के पदाधिकारी सहित पूरे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संगठन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का समापन संगठन को मजबूत करने, सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के विस्तार के संकल्प के साथ किया गया।