यह आयोजन नगरी ब्लॉक के प्रसिद्ध पर्यटन व धार्मिक स्थल सोन्धूर डैम परिसर में, डैम व ईको पार्क के समीप किया जा रहा है। इसी क्षेत्र में स्थित मुचकुन्द ऋषि तपो स्थल पहाड़, जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है, जो वर्षों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है।
आयोजकों के अनुसार, साकरा निवासी स्वर्ण-आभूषण व्यवसायी और शिव भक्त हितेश सिन्हा के सहयोग से भगवान महाकाल भोलेनाथ की लगभग 40 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। इस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को क्षेत्र के धार्मिक इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे छत्तीसगढ़ में इस आकार और स्वरूप की भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा विरले ही देखने को मिलती है।
बताया गया कि सोन्धूर डैम एवं मुचकुन्द ऋषि आश्रम क्षेत्र पहले से ही प्रदेश में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां वन विभाग द्वारा ईको पार्क विकसित किया गया है, वहीं सिंचाई विभाग का विश्राम गृह भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध है। प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यहां ओडिशा, बस्तर अंचल और प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सैलानी धार्मिक आयोजनों, राष्ट्रीय पर्वों और अवकाश के दिनों में पहुंचते हैं।
अब जिला प्रशासन द्वारा भी इस क्षेत्र को औपचारिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। डैम में नौका विहार, होम-स्टे और अन्य पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसकी देखरेख एक समिति के माध्यम से किए जाने की योजना है। ऐसे में महाकाल प्रतिमा की स्थापना से इस क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए ग्राम मेचका सहित आसपास के गांवों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और समिति सदस्यों की लगातार बैठकें हो रही हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर आयोजन को भव्य स्वरूप देने पर चर्चा की गई। बैठक में श्यामल साय ध्रुवा, नरेश माझी, श्रीधन सोम, रूपेश नाग, पंचूराम ओटी, कमलेश प्रजापति, फूलसिंह ध्रुवा, धर्मेंद्र बिसेन, लकेश्वर साहू, विमला ध्रुवा, दानीराम नेताम सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य उपस्थित रहे।
बागेश्वर बाबा का कार्यक्रम स्थगित
उल्लेखनीय है कि इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान बागेश्वर बाबा के कार्यक्रम की भी प्रारंभिक तैयारी की जा रही थी। क्षेत्र में उनके आगमन की चर्चा भी फैल चुकी थी, लेकिन समय उपलब्ध न हो पाने के कारण उनके कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
आयोजकों का कहना है कि 25 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान पूजा-अर्चना, हवन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन से न केवल ग्राम मेचका बल्कि पूरे नगरी क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।