यह कार्रवाई महासमुंद जिले के अंतर्गत कोमाखान, बागबाहरा एवं खल्लारी थाना क्षेत्रों में की गई। तीनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश, एक बिहार तथा चार छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तस्करों द्वारा गांजा परिवहन के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा लगातार सघन निगरानी एवं चेकिंग के कारण उनके सभी प्रयास विफल हो रहे हैं। इस कार्रवाई में पशु आहार के भीतर गांजा छिपाकर ले जाने का तरीका भी पुलिस ने नाकाम कर दिया।
थाना कोमाखान क्षेत्र में बड़ी बरामदगी
कोमाखान थाना क्षेत्र में 17 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिलने पर ग्राम गोयनाबाहरा रोड, महुआ डबरा के पास घेराबंदी की गई। कुछ देर बाद उड़ीसा की ओर से आ रही एक कत्था रंग की टाटा ट्रक (क्रमांक UP 60 CT 5791) को रोका गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान ट्रक के डाले में पशु चारे के भीतर छिपाकर रखी गई सात प्लास्टिक बोरियों से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया।
तौल करने पर कुल 140 किलोग्राम नमी युक्त गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 70 लाख रुपये बताई गई है। पूछताछ में सामने आया कि गांजा ओडिशा के जंगल क्षेत्र से लाकर प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस ने गांजा के साथ-साथ ट्रक, दो मोबाइल फोन और नकद राशि भी जब्त की।
अन्य दो थाना क्षेत्रों में भी कार्रवाई
इसी क्रम में बागबाहरा और खल्लारी थाना क्षेत्रों में भी गांजा तस्करी के मामलों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से गांजा, एक स्कूटी वाहन (बिना नंबर) तथा एक मोटरसाइकिल हीरो होंडा एचएफ डीलक्स (OD 03 AB 3511) जब्त की है। जब्त किए गए तीनों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रुपये बताई गई है।
वर्ष 2026 में अब तक की उपलब्धि
पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिले में कुल 38 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 2494.641 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जब्त किया गया है। इसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ 44 लाख 48 हजार रुपये है। इन मामलों में कुल 100 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन 100 आरोपियों में से 71 आरोपी अन्य राज्यों से संबंधित हैं, जिनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली एवं राजस्थान के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस को सख्त निर्देश
जिले के समस्त थाना एवं चौकी प्रभारियों को नशीले पदार्थ, अवैध शराब एवं गांजा तस्करी के विरुद्ध लगातार अभियान चलाने तथा संभावित परिवहन मार्गों पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स द्वारा लगातार की जा रही इन कार्रवाइयों से तस्करों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले में नशे के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा, ताकि युवाओं और समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।