मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से दिव्यांग हितग्राही को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की त्वरित कार्रवाई से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दिव्यांग हितग्राही नोहर दास बघेल को मात्र 15 दिनों में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इस सुविधा से उनकी आवाजाही आसान हुई और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में नया मार्ग प्रशस्त हुआ।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आ रही है। समाज कल्याण विभाग की संवेदनशील और समयबद्ध पहल के कारण अब दिव्यांगजनों को भी आवश्यक सुविधाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं। इसी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम बलौदी निवासी नोहर दास बघेल हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से केवल 15 दिनों के भीतर मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई।
80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग नोहर दास बघेल को पहले दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों के साथ-साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित गतिशीलता के कारण उनकी आजीविका और सामाजिक गतिविधियां भी प्रभावित होती थीं। ऐसे समय में उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मात्र 15 दिनों के भीतर हितग्राही को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि समस्याओं के प्रभावी और समयबद्ध समाधान का भरोसेमंद माध्यम भी है।
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने के बाद नोहर दास बघेल के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे बिना किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर हुए अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पा रहे हैं। बाजार, अस्पताल, बैंक और अन्य आवश्यक स्थानों तक उनकी पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल हो गई है। इससे उन्हें रोजगार और आजीविका के नए अवसरों तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
नोहर दास बघेल ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री, समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उनके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सम्मान, स्वतंत्रता और आत्मविश्वास से भरे नए जीवन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब वे पहले की तुलना में अधिक सहजता और आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन जी सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि शासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाकर शासन नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। यह पहल जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई है।