बिजली की मांग को लेकर टायगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन चक्का जाम, देवभोग–गरियाबंद मार्ग ठप

गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत टायगर रिजर्व क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बिजली की मांग को लेकर देवभोग–गरियाबंद मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन के समझाइश प्रयास विफल रहे।

Jan 13, 2026 - 12:51
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बिजली की मांग को लेकर टायगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन चक्का जाम, देवभोग–गरियाबंद मार्ग ठप

UNITED NEWS OF ASIA.रिजवान मेमन.धमतरी  गरियाबंद | गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक अंतर्गत टायगर रिजर्व क्षेत्र में बसे आठ ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बिजली की मांग को लेकर सोमवार सुबह 8 बजे से देवभोग–गरियाबंद मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया है। ग्रामीण सड़क पर धरनास्थल बनाकर बैठे हुए हैं, जिससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।

चक्का जाम की सूचना मिलते ही मौके पर बिजली विभाग, एसडीएम एवं टायगर रिजर्व प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और जाम समाप्त कराने पहुंचे, लेकिन बात नहीं बन पाई। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सड़क से हटने को तैयार नहीं हैं।

चक्का जाम के कारण सुबह से ही बस यात्री, आम वाहन चालक और मालवाहक वाहन जंगल क्षेत्र में फंसे हुए हैं। कई यात्री भूखे-प्यासे चक्का जाम समाप्त होने की प्रतीक्षा में बैठे नजर आए। सड़क जाम के चलते आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि मैनपुर ब्लॉक का गौरगांव क्षेत्र टायगर रिजर्व की श्रेणी में आता है। यहां लंबे समय से बिजली की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों की मांग पर बिजली लाइन बिछाने का कार्य शुरू भी हुआ था, लेकिन टायगर रिजर्व के नियम-कानूनों के चलते इस पर स्टे लग गया, जिससे कार्य बीच में ही रुक गया।

ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से स्टे हटाने और बिजली कार्य शुरू कराने की मांग की, लेकिन जब कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो उनका सब्र जवाब दे गया। इसके बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पूरी तैयारी के साथ राशन-सामान लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक बिजली कार्य पुनः प्रारंभ नहीं किया जाता, तब तक चक्का जाम समाप्त नहीं होगा। अब तक किसी भी अधिकारी ने बिजली कार्य शुरू करने पर सहमति नहीं दी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

धरनास्थल पर मौजूद पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष  संजय नेताम, जिला पंचायत सदस्य लकेश्वरी नेताम एवं अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

फिलहाल, सभी की निगाहें अब जिले के कलेक्टर पर टिकी हुई हैं कि वे ग्रामीणों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और यह चक्का जाम कब समाप्त होता है।