कवर्धा में सड़कों से मवेशियों को हटाने नगर पालिका का अभियान जारी, दो दिन में 130 गोवंश गौधाम भेजे

कवर्धा शहर में सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं को रोकने के लिए नगर पालिका परिषद ने सड़कों पर बैठे और घूम रहे मवेशियों को हटाने का अभियान तेज किया है। काउ कैचर वाहनों की मदद से मवेशियों को पकड़कर लोहारा मार्ग स्थित गौधाम भेजा जा रहा है। पिछले दो दिनों में 130 मवेशियों को गौधाम में रखा गया है। पशुपालकों को मवेशियों को खुले में न छोड़ने की चेतावनी देते हुए जुर्माने और वैधानिक कार्रवाई की बात कही गई है।

Sep 11, 2026 - 07:44
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कवर्धा में सड़कों से मवेशियों को हटाने नगर पालिका का अभियान जारी, दो दिन में 130 गोवंश गौधाम भेजे

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l शहर के प्रमुख मार्गों पर खुले में घूमने और सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नगर पालिका की टीम प्रतिदिन शाम के समय शहर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और व्यस्त क्षेत्रों में पहुंचकर सड़कों पर बैठे एवं घूम रहे गोवंश को हटाने की कार्रवाई कर रही है। अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के साथ वाहन चालकों, राहगीरों और मवेशियों को संभावित सड़क दुर्घटनाओं से बचाना है।

नगर पालिका की टीम काउ कैचर वाहनों की मदद से सड़कों पर मौजूद मवेशियों को पकड़कर लोहारा मार्ग स्थित गौधाम में भेज रही है। प्रशासन के अनुसार सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े के कारण विशेष रूप से व्यस्त मार्गों पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके मद्देनजर नगर पालिका द्वारा नियमित रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों के दौरान पालिका टीम ने कार्रवाई करते हुए 130 मवेशियों को पकड़कर गौधाम में रखा है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने बताया कि शहर की मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशियों के बैठे या घूमते रहने से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की टीम राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर नियमित कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पशुपालकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।

नगर पालिका प्रशासन के अनुसार कई पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं। इसके बाद मवेशी भोजन और पानी की तलाश में शहर की सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी परेशानी पैदा होती है। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि खुले में मवेशी छोड़ने वाले संबंधित पशुपालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

रात्रि के समय मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए नगर पालिका द्वारा एक अतिरिक्त पहल भी की जा रही है। अभियान के दौरान मवेशियों के गले में रेडियम पट्टे लगाए जा रहे हैं। इससे रात में सड़क पर मौजूद मवेशी वाहन चालकों को अपेक्षाकृत आसानी से दिखाई दे सकेंगे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

नगर पालिका प्रशासन ने नागरिकों और पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पशुपालकों और आम नागरिकों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। सार्वजनिक मार्गों पर मवेशियों की मौजूदगी से होने वाली समस्याओं को देखते हुए संबंधित न्यायिक निर्देशों के अनुरूप भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

नगर पालिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर मवेशियों को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। नियमानुसार आर्थिक जुर्माने के साथ पशु क्रूरता अधिनियम, 1961 के तहत वैधानिक कार्रवाई का प्रस्ताव भी किया जा सकता है। पालिका प्रशासन ने कहा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अभियान के आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। नगर पालिका का लक्ष्य शहर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर मवेशियों की मौजूदगी को नियंत्रित कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। साथ ही पशुपालकों को जागरूक कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि वे अपने मवेशियों को खुले में न छोड़ें।