स्पा और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग, मनोज सिंह ठाकुर ने उठाए सवाल
वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में स्पा और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में संचालित कथित अवैध गतिविधियों पर चिंता जताते हुए व्यापक जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में स्पा और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में कथित अवैध गतिविधियों के संचालन को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों से इस मामले की व्यापक जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
रायपुर से जारी एक प्रेस बयान में मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कई शहरी क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में संचालित कुछ स्पा सेंटरों और ब्यूटी पार्लरों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर इन प्रतिष्ठानों की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित किए जाने की आशंका है, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
ठाकुर ने दावा किया कि राजधानी रायपुर के विभिन्न प्रमुख इलाकों के अलावा प्रदेश के अन्य शहरों में भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं। उनके अनुसार यदि किसी भी संस्थान में कानून के विपरीत गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यवसाय को वैध रूप से संचालित करने के लिए निर्धारित नियमों और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन अनिवार्य है।
उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाहरी राज्यों से लोगों को रोजगार के नाम पर लाए जाने और उसके बाद कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल किए जाने की आशंकाओं की भी जांच कराने की मांग की। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही हैं, तो स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और पुलिस को संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महानिदेशक, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया जाए। उनके अनुसार यदि किसी संस्थान में नियमों का उल्लंघन या कोई अवैध गतिविधि पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
ठाकुर ने यह भी कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी वैध व्यवसाय या प्रतिष्ठान को निशाना बनाना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहकर संभावित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग करना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों और जनचिंताओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो सामाजिक संगठनों और नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल यह मामला एक सार्वजनिक मांग और आरोपों के रूप में सामने आया है, जिसकी वास्तविकता का निर्धारण प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।