महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में मिले 5 हीरे, छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र को मिली नई पहचान

महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में 200 टन बल्क सैंपल परीक्षण के दौरान पांच हीरे मिले हैं। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।

Jun 24, 2026 - 12:00
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महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में मिले 5 हीरे, छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र को मिली नई पहचान

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान पांच हीरों की प्राप्ति हुई है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड ने इस खोज की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे क्षेत्र की खनिज संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

जानकारी के अनुसार बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में विस्तृत भूवैज्ञानिक और वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्र किया गया था। इस सैंपल के परीक्षण और प्रसंस्करण के दौरान कुल पांच हीरे प्राप्त हुए, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट बताया गया है। इनमें दो जेम क्वालिटी के हीरे शामिल हैं, जबकि तीन अन्य श्रेणी के हीरे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज केवल पांच हीरों की प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की मौजूदगी का मजबूत संकेत है। इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर हीरे के भंडार मिलने की संभावना और अधिक प्रबल हो गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार आगे के विस्तृत अन्वेषण से क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और सरकार वैज्ञानिक अन्वेषण तथा पारदर्शी खनिज प्रबंधन के माध्यम से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे खनिजों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब हीरे की संभावनाओं की पुष्टि होने से राज्य की खनिज पहचान और मजबूत होगी। इससे निवेश आकर्षित होगा तथा खनिज आधारित उद्योगों के विकास को नई गति मिलेगी।

खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी सर्वेक्षणों और परीक्षणों में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं तो महासमुंद जिला देश के प्रमुख हीरा संभावित क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। इससे राज्य को राजस्व वृद्धि, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर प्राप्त होंगे। स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।

प्राप्त सभी हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है। आगे की जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में विस्तृत अन्वेषण कार्य जारी रखने की तैयारी भी की जा रही है।

खनिज क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में मिली यह सफलता छत्तीसगढ़ के खनिज विकास की दिशा में एक नया अध्याय साबित हो सकती है। इससे न केवल राज्य की आर्थिक क्षमता को मजबूती मिलेगी, बल्कि भविष्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए द्वार भी खुल सकते हैं।