नव्या मलिक ड्रग्स केस में बड़ा मोड़, अब ED करेगी मनी ट्रेल और संपत्तियों की जांच

रायपुर के चर्चित नव्या मलिक ड्रग्स केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। ईडी ने पुलिस से चार्जशीट और जांच रिकॉर्ड मांगे हैं। अब ड्रग्स नेटवर्क के साथ-साथ मनी ट्रेल, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध निवेशों की भी जांच की जाएगी।

Jun 24, 2026 - 12:07
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नव्या मलिक ड्रग्स केस में बड़ा मोड़, अब ED करेगी मनी ट्रेल और संपत्तियों की जांच

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l रायपुर के चर्चित नव्या मलिक ड्रग्स केस में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है, जिससे जांच का दायरा और अधिक व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है। ईडी ने रायपुर पुलिस से इस मामले की चार्जशीट, जांच रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की मांग की है। इसके बाद माना जा रहा है कि अब केवल ड्रग्स नेटवर्क ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी गहन जांच होगी।

जानकारी के अनुसार, ईडी अब कथित ड्रग्स कारोबार से अर्जित अवैध कमाई के स्रोत, उसके उपयोग और निवेश की पड़ताल करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित तौर पर प्राप्त धनराशि को किन बैंक खातों, संपत्तियों, व्यवसायों या अन्य निवेश माध्यमों में लगाया गया। इसके लिए संबंधित व्यक्तियों के बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल ट्रांजेक्शन, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान उन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनका नाम पहले की चार्जशीट में शामिल नहीं हुआ था, लेकिन जिनके वित्तीय लेनदेन या संपर्क संदिग्ध पाए जाते हैं। ईडी की जांच में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।

गौरतलब है कि यह हाई-प्रोफाइल ड्रग्स मामला अगस्त 2025 में सामने आया था, जब नव्या मलिक को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच के दौरान दावा किया गया था कि नव्या मलिक के मोबाइल फोन से 850 से अधिक प्रभावशाली लोगों के संपर्क विवरण मिले थे। इस खुलासे के बाद मामला काफी चर्चा में रहा और जांच एजेंसियों ने कई स्तरों पर पड़ताल की थी।

अब ईडी की एंट्री के बाद मामले को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी विशेष रूप से यह जानने का प्रयास करेगी कि कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेनदेन किस स्तर तक फैले हुए थे और क्या इसमें संगठित वित्तीय गतिविधियों का भी इस्तेमाल किया गया था। डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म, बैंकिंग चैनल और अन्य वित्तीय माध्यमों की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में अवैध धन के निवेश या लेनदेन के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में नए नाम सामने आ सकते हैं और कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है। फिलहाल ईडी द्वारा दस्तावेजों के अध्ययन और वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।