कांवड़ यात्रियों को बड़ी राहत: लमनी और खुड़िया में बने आधुनिक प्रतीक्षालय, सोलर लाइट और रात्रि विश्राम की सुविधा
कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र लमनी और खुड़िया में कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेड बनाए गए हैं। सोलर ऊर्जा, रात्रि विश्राम, भोजन बनाने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से युक्त ये केंद्र श्रावण मास में हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करने वाले कांवड़ यात्रियों को इस वर्ष बड़ी राहत मिली है। कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम लमनी और खुड़िया में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 20-20 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्रतीक्षालय शेड तैयार किए गए हैं। पंचायत विभाग द्वारा निर्मित इन सुविधाओं का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही रात्रि विश्राम और मूलभूत सुविधाओं की समस्या का स्थायी समाधान करना है।
वनांचल के इन क्षेत्रों से होकर हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के मंदिरों तक पैदल यात्रा करते हैं। अब तक यात्रियों को रात्रि विश्राम, पेयजल, प्रकाश और भोजन बनाने जैसी सुविधाओं के अभाव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के मौसम और घने जंगलों से गुजरने वाली यात्रा के दौरान सुरक्षित ठहरने का स्थान नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती थी।
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की पहल पर लमनी और खुड़िया में आधुनिक प्रतीक्षालयों का निर्माण कराया गया है। दोनों स्थानों पर बनाए गए विश्राम केंद्रों में श्रद्धालुओं के लिए रात्रि विश्राम, भोजन बनाने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इससे कांवड़ यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
ग्राम लमनी कांवड़ यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव माना जाता है। यहां लमनी बैरियर के समीप निर्मित प्रतीक्षालय में विशेष रूप से सोलर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था स्थापित की गई है। इससे रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध रहेगी और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा। वहीं ग्राम खुड़िया में निर्मित आधुनिक प्रतीक्षालय भी यात्रा मार्ग का महत्वपूर्ण विश्राम केंद्र बनकर उभरा है। इन दोनों केंद्रों का लाभ श्रावण मास के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को मिलेगा।
प्रतीक्षालय निर्माण के साथ-साथ यात्रा मार्ग पर अन्य सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। सड़क मार्गों की मरम्मत कर यात्रा को सुरक्षित बनाया गया है तथा विभिन्न स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है।
विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का महापर्व है। सरकार की प्राथमिकता है कि भगवान भोलेनाथ के भक्तों को यात्रा के दौरान सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से प्रतीक्षालय निर्माण, स्वास्थ्य शिविर, सड़क मरम्मत, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है।
कांवड़ यात्रियों ने भी नई सुविधाओं का स्वागत करते हुए कहा कि पहले वनांचल क्षेत्रों में बारिश और अंधेरे के बीच रात्रि विश्राम करना बेहद कठिन होता था। अब लमनी और खुड़िया में बने आधुनिक प्रतीक्षालयों से उन्हें सुरक्षित ठहरने, भोजन बनाने और पर्याप्त प्रकाश जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनकी यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ये आधुनिक प्रतीक्षालय केवल इस वर्ष की कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में भी हजारों श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह पहल वनांचल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।