भोरमदेव मंदिर की अव्यवस्था और शिवभक्तों से दुर्व्यवहार के विरोध में सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

कवर्धा में भोरमदेव मंदिर की दर्शन व्यवस्था और शिवभक्तों से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में विकाश केशरी के नेतृत्व में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। शिवभक्तों ने दर्शन व्यवस्था सुधारने, कांवड़ियों के लिए विशेष इंतजाम करने और कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की। व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी गई।

Aug 19, 2026 - 16:33
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भोरमदेव मंदिर की अव्यवस्था और शिवभक्तों से दुर्व्यवहार के विरोध में सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l सावन मास में भगवान भोरमदेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे कांवड़ियों एवं शिवभक्तों को हो रही कथित अव्यवस्थाओं और सोशल मीडिया पर सामने आए दुर्व्यवहार के वीडियो को लेकर शिवभक्तों और युवाओं ने जिला प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। शिवभक्त एवं युवा नेता विकाश केशरी के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर भोरमदेव मंदिर की दर्शन व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने, कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई।

विकाश केशरी ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में शिवभक्त कठिन यात्रा कर कांवड़ लेकर भोरमदेव पहुंचते हैं। ऐसे में दर्शन और जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी होना या उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और सम्मान से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए।

केशरी ने VIP व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सावन के दौरान आम शिवभक्तों और विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं के बीच ऐसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे आम श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़े। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखाई दे रहे कथित व्यवहार की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से समाधान का रास्ता चुना गया है। यदि मंदिर की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और शिवभक्तों से दुर्व्यवहार की शिकायतें जारी रहीं तो शिवभक्त लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि भोरमदेव मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं के सम्मान की रक्षा करना है।

दीपक ठाकुर और रोहन शर्मा ने कहा कि कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्तमान व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जरूरत है। उन्होंने प्रातःकाल पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों के जलाभिषेक की व्यवस्था शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि सुबह बड़ी संख्या में पहुंचने वाले शिवभक्तों को व्यवस्थित तरीके से जल चढ़ाने का अवसर मिल सके। उन्होंने कांवड़ियों के लिए अलग प्रवेश, प्रतीक्षा और जलाभिषेक व्यवस्था बनाए जाने की मांग की, जिससे भीड़ का दबाव कम हो और श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

विवेक जायसवाल ने कहा कि भोरमदेव मंदिर की व्यवस्था में प्रशासन के साथ समाज की सहभागिता भी महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होंने पूर्व की तरह स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं और जागरूक नागरिकों को मंदिर व्यवस्था में सहयोग का अवसर देने की मांग की। उनके अनुसार समाजसेवी कार्यकर्ता श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने, भीड़ प्रबंधन में सहयोग करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में प्रशासन के लिए उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं।

ज्ञापन में भोरमदेव मंदिर के लिए बेहतर दर्शन व्यवस्था लागू करने, कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने, कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने, प्रातःकालीन जलाभिषेक व्यवस्था को समयबद्ध करने तथा मंदिर की आय-व्यय की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस अवसर पर विकाश केशरी, दीपक ठाकुर, रोहन शर्मा, विवेक जायसवाल, चिराग यादव, प्रतीक मिश्रा, अमन बर्वे, गौरांश पाल, सतीश झारिया, दादू ठाकुर, जीतेन्द्र चंद्रवंशी, डोमन पोर्ते सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहे।