पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम अमलीटोला बदना, कारीढाप रोड कुकदूर क्षेत्र में एक पिकअप वाहन के माध्यम से मवेशियों को बिना वैध दस्तावेज और उचित चारा-पानी के परिवहन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद कुकदूर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर जांच की। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें पांच भैंस पाए गए। पुलिस के अनुसार मवेशियों को परिवहन के दौरान आवश्यक चारा-पानी उपलब्ध नहीं कराया गया था।
मामले में जोहन सिंह मरावी निवासी कारीढाप थाना कुकदूर, हीरापन्ना बघेल निवासी परसाकांपा थाना लालपुर जिला मुंगेली और दुबेन्द्र धृतलहरे निवासी देवरी थाना मुंगेली जिला मुंगेली के विरुद्ध थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक 52/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु कृषक परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 और 192 के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान पांच भैंसों को जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही महेन्द्र बोलेरो पिकअप वाहन भी जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत नौ लाख रुपये है। इस तरह पुलिस द्वारा कुल 10 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
यह कार्रवाई कबीरधाम पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया भूपत सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुकदूर निरीक्षक संतोष मिश्रा के दिशा-निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई में उप निरीक्षक गोविंद चंद्रवंशी, प्रधान आरक्षक मनोज तिवारी, प्रधान आरक्षक संजू झारिया, आरक्षक दुजराम सिंद्राम, आरक्षक कृष्ण कुमार धुर्वे, आरक्षक पंचम बघेल, आरक्षक सुनील नायक और आरक्षक जगदीश मरकाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में पशु तस्करी समेत अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।