रोजाना एनर्जी ड्रिंक पीना कितना सही? युवाओं के लिए जानें इसके असर

एनर्जी ड्रिंक युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पढ़ाई, काम, जिम या देर रात जागने के दौरान इन्हें तुरंत ऊर्जा और अलर्टनेस बढ़ाने वाला पेय माना जाता है। इनमें मौजूद कैफीन और अतिरिक्त चीनी कुछ समय के लिए थकान कम महसूस करा सकती है, लेकिन नियमित सेवन नींद, बेचैनी, हृदय की धड़कन और दांतों की सेहत पर असर डाल सकता है। किशोरों के लिए कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और पानी शरीर के लिए बेहतर विकल्प हैं।

Aug 22, 2026 - 16:04
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रोजाना एनर्जी ड्रिंक पीना कितना सही? युवाओं के लिए जानें इसके असर

UNITED NEWS OF ASIA. आज के समय में युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक का सेवन तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई के दौरान नींद भगाने, लंबे समय तक काम करने, जिम में एक्टिव रहने या देर रात तक जागने के लिए कई युवा इन पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं। एनर्जी ड्रिंक को अक्सर तुरंत ऊर्जा और अलर्टनेस बढ़ाने वाला विकल्प माना जाता है, लेकिन इससे मिलने वाली ऊर्जा और शरीर को वास्तव में मिलने वाली पोषण संबंधी ताकत एक जैसी नहीं होती। एनर्जी ड्रिंक में आमतौर पर कैफीन और अतिरिक्त चीनी मौजूद होती है, जो कुछ समय के लिए व्यक्ति को अधिक जागरूक और कम थका हुआ महसूस करा सकती है।

कैफीन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है। यही कारण है कि एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद कुछ समय के लिए नींद कम महसूस हो सकती है और एकाग्रता बढ़ी हुई लग सकती है। हालांकि इसका प्रभाव समाप्त होने के बाद दोबारा थकान महसूस हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति बार बार थकान या नींद से बचने के लिए इसका सेवन करता है, तो यह धीरे धीरे उसकी नियमित आदत बन सकती है।

एनर्जी ड्रिंक का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव नींद पर पड़ सकता है। खासकर शाम या रात के समय कैफीन का सेवन करने से सोने में परेशानी हो सकती है और नींद की अवधि या गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने पर अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है। इस स्थिति में व्यक्ति फिर से कैफीनयुक्त पेय का सहारा ले सकता है, जिससे खराब नींद और थकान का चक्र जारी रह सकता है।

अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन कुछ लोगों में बेचैनी, घबराहट, हाथ कांपना या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है और यह दिनभर में लिए जाने वाले कुल कैफीन की मात्रा पर भी निर्भर करता है। यदि एनर्जी ड्रिंक लेने के बाद असामान्य धड़कन, सीने में दर्द या तेज घबराहट जैसे गंभीर लक्षण महसूस हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

एनर्जी ड्रिंक में मौजूद अतिरिक्त चीनी भी चिंता का विषय हो सकती है। नियमित रूप से अधिक मीठे पेय लेने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है और लंबे समय में दांतों की सेहत तथा शरीर के वजन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए एनर्जी ड्रिंक खरीदते समय केवल कैफीन की मात्रा ही नहीं, बल्कि लेबल पर दी गई चीनी और कुल कैलोरी की जानकारी पर भी ध्यान देना चाहिए।

खासकर किशोरों के लिए कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स के सेवन में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। रोजाना थकान दूर करने के लिए एनर्जी ड्रिंक को स्थायी समाधान मानना उचित नहीं है। शरीर को बेहतर ऊर्जा और रिकवरी के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि की जरूरत होती है।

यदि किसी युवा को लगातार थकान रहती है या बार बार एनर्जी ड्रिंक पीने की जरूरत महसूस होती है, तो केवल पेय पर निर्भर रहने के बजाय थकान की वजह समझना जरूरी है। नींद की कमी, असंतुलित खानपान या अन्य कारण भी इसके पीछे हो सकते हैं। ऐसे में एनर्जी ड्रिंक की आदत बनाने के बजाय सेवन की मात्रा और समय पर ध्यान देना तथा जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर विकल्प है।