कुबेर राठी बने ‘अन्नदाता’: हनुमंत सेवा में 6000 श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
रायपुर में सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित भंडारे में करीब 6000 लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। संस्थापक कुबेर राठी 2009 से निरंतर सेवा कर जरूरतमंदों के लिए संबल बने हुए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर में सेवा, भक्ति और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां सर्व धर्म हनुमान मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इस सेवा कार्य के केंद्र में हैं समाजसेवी कुबेर राठी, जो पिछले कई वर्षों से जरूरतमंदों के लिए ‘अन्नदाता’ की भूमिका निभा रहे हैं।
सनातन परंपरा के आदर्श ‘अन्नं बहु कुर्वीत’ को आत्मसात करते हुए कुबेर राठी ने वर्ष 2009 में इस सेवा कार्य की शुरुआत की थी। एक छोटे से प्रयास के रूप में शुरू हुआ यह अभियान आज एक विशाल महाभंडारे का रूप ले चुका है, जिसमें हर सप्ताह हजारों लोग शामिल होते हैं। इस शनिवार आयोजित भंडारे में लगभग 5000 से 6000 श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। मंदिर परिसर में घंटों और शंखों की गूंज के बीच कुबेर राठी ने आरती कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे वातावरण में ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से भक्ति का माहौल बन गया।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि यहां केवल भोजन नहीं, बल्कि सम्मान के साथ सेवा दी जाती है। गरीब, मजदूर, निराश्रित और रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले लोग यहां आकर सम्मानपूर्वक भोजन ग्रहण करते हैं। उन्हें कुर्सी-टेबल पर बैठाकर ससम्मान परोसा जाता है, जो इस सेवा को और भी विशेष बनाता है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि यह आयोजन केवल भंडारा नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति और सेवा का उदाहरण है। एक लाभार्थी ने कहा कि जैसे भगवान राम ने शबरी के बेर प्रेम से स्वीकार किए थे, वैसे ही यहां हर व्यक्ति को प्रेम और सम्मान मिलता है। वहीं एक अन्य श्रद्धालु ने कुबेर राठी की तुलना धन के देवता कुबेर से करते हुए कहा कि वे निरंतर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं।
कुबेर राठी का कहना है कि जब वे किसी भूखे व्यक्ति को तृप्त होकर मुस्कुराते हुए देखते हैं, तो उन्हें आत्मिक शांति मिलती है। उनके अनुसार, यह सेवा ही उनकी सच्ची भक्ति है और वे इसे जीवनभर जारी रखना चाहते हैं।
यह आयोजन आज के दौर में ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के सिद्धांत को साकार करता है। इसमें जाति, धर्म और वर्ग की सभी सीमाएं समाप्त हो जाती हैं और हर व्यक्ति समान भाव से सेवा का लाभ उठाता है।
कुल मिलाकर, रायपुर में चल रहा यह सेवा अभियान न केवल भूख मिटाने का कार्य कर रहा है, बल्कि समाज में प्रेम, सम्मान और एकता का संदेश भी दे रहा है। कुबेर राठी का यह प्रयास समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर उभर रहा है, जो दिखाता है कि सच्ची सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।