खेलो इंडिया ट्राइबल नेशनल गेम्स में डिंडोरी की चांदनी ने कुश्ती में जीता कांस्य पदक
डिंडोरी की खिलाड़ी चांदनी नरेटी ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल नेशनल गेम्स में कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
UNITED NEWS OF ASIA. ओमप्रकाश परस्ते, दिंडोरी। मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब स्थानीय खिलाड़ी चांदनी नरेटी ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल नेशनल गेम्स में कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। इस उपलब्धि ने न केवल डिंडोरी बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
खेलो इंडिया ट्राइबल नेशनल गेम्स देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ऐसे में चांदनी का कांस्य पदक जीतना उनकी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति जुनून को दर्शाता है।
चांदनी नरेटी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी लगन और कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके निरंतर अभ्यास और संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने यह भी बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया और हार नहीं मानी।
इस उपलब्धि के बाद डिंडोरी में खुशी का माहौल है। जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने चांदनी को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि चांदनी ने जिले का नाम रोशन किया है और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। कलेक्टर ने यह भी आश्वासन दिया कि जिले में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
चांदनी की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलें, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने भी चांदनी की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनके इस प्रदर्शन से क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे खेलों में अपना करियर बनाने के लिए आगे आएंगे।
खेलो इंडिया जैसी पहलें देश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। चांदनी नरेटी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है।
निश्चित रूप से, चांदनी की यह उपलब्धि आने वाले समय में उन्हें और ऊंचाइयों तक ले जाएगी और वे देश के लिए भी गौरव का कारण बन सकती हैं।