कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पचराही में निर्माणाधीन गौधाम का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया जोर

कबीरधाम जिले के पचराही गांव में लगभग 10 एकड़ में बन रहे गौ प्रशिक्षण केंद्र सह गौधाम का कलेक्टर गोपाल वर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। यह परियोजना पशु संरक्षण के साथ ग्रामीणों को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान करेगी।

Apr 6, 2026 - 19:54
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कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पचराही में निर्माणाधीन गौधाम का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया जोर

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र बोड़ला विकासखंड के ग्राम पचराही में निर्माणाधीन गौ प्रशिक्षण केंद्र सह गौधाम का कलेक्टर गोपाल वर्मा ने निरीक्षण किया। लगभग 10 एकड़ में विकसित हो रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना पशु संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गौधाम में निर्माणाधीन विभिन्न संरचनाओं जैसे पशु शेड, मेडिसिन कक्ष और प्रशिक्षण भवन का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि कार्य समय पर और सही मानकों के अनुसार पूर्ण हो सके।

यह गौधाम केवल निराश्रित एवं परित्यक्त गौवंश के संरक्षण का केंद्र ही नहीं होगा, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। यहां स्थापित होने वाले गौ प्रशिक्षण केंद्र में गोबर, गोमूत्र एवं अन्य गौ-उत्पादों से उपयोगी वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

परियोजना के तहत गौधाम परिसर में कई आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसमें चार भागों में पशु शेड, बीमार पशुओं के लिए अलग शेड, बछड़ों के लिए विशेष शेड, प्रशिक्षण शेड, मेडिसिन कक्ष, चौकीदार आवास, चेन लिंक फेंसिंग, ट्यूबवेल और विद्युतीकरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सभी व्यवस्थाओं से पशुओं के बेहतर संरक्षण और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ गौ-आधारित आजीविका को नई दिशा देगी। इससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित होंगे। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर आर.बी. देवांगन, अधीक्षक भू-अभिलेख गजेंद्र साहू, तहसीलदार हुलेश्वर पटेल, जनपद सीईओ बोड़ला आकाश राजपूत सहित अन्य अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह गौधाम परियोजना पूर्ण होने के बाद न केवल पशु संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में स्थापित होगी, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को भी नई दिशा प्रदान करेगी।