कांकेर-नारायणपुर सीमा पर सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों के उपयोग का सामान बरामद किया गया है। अभियान जिला पुलिस, डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले के सीमावर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस, डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा चलाए गए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और नक्सलियों के उपयोग का सामान बरामद किया गया है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को नक्सल गतिविधियों के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 22 से 24 मई तक संयुक्त सुरक्षा बलों की टीम लगातार सर्चिंग अभियान पर निकली हुई थी। अभियान के दौरान कांकेर और नारायणपुर सीमा से लगे घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में गहन तलाशी ली गई। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का खुलासा हुआ।
पहली कार्रवाई थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र में की गई। सुरक्षा बलों ने ग्राम पल्लाहूर और जपमरका के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान एक नक्सली डंप बरामद किया। यहां से कंट्रीमेड बीजीएल लांचर, 25 बीजीएल सेल, इम्प्रोवाइज्ड फायर कार्टिज, AK-47 और एसएलआर के खाली कार्टिज, लगभग पांच किलो गन पाउडर, 10 बड़े सुतली बम, नक्सली वर्दियां, सोलर चार्जर, लगभग 50 फीट वायर, मेडिकल किट और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई।
सुरक्षा बलों के अधिकारियों के अनुसार यह सामग्री नक्सलियों द्वारा बड़े हमले की तैयारी और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से छिपाकर रखी गई थी। समय रहते इन सामग्रियों की बरामदगी से संभावित बड़ी घटना टल गई।
इसके बाद दूसरी कार्रवाई थाना छोटेबेठिया क्षेत्र में की गई। ग्राम मरकाबेड़ा, आदनार और एलूर के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में संयुक्त सुरक्षा बलों ने सर्चिंग अभियान चलाया। यहां से तीन 12 बोर रायफल, एक बीजीएल लांचर, छह बीजीएल सेल, 100 ग्राम बारूद, एक पोच, नक्सली वर्दी, 800 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और 200 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद डेटोनेटर और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल आईईडी और अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार करने में किया जाता है। यह सामग्री सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी। सुरक्षा बलों ने बरामद सभी सामग्री को सुरक्षित कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
कांकेर और नारायणपुर पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। लगातार सर्चिंग और खुफिया सूचना के आधार पर नक्सलियों के ठिकानों और डंप तक पहुंच बनाई जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से नक्सल संगठन को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही उनके हथियार और विस्फोटक नेटवर्क को कमजोर किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आने वाले समय में भी इसी तरह के सघन अभियान लगातार जारी रहेंगे।