कबीरधाम में नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार

कबीरधाम जिले के बोड़ला परियोजना क्षेत्र में वन विभाग और राज्य वन विकास निगम ने नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चीतल का मांस और शिकार में प्रयुक्त सामग्री जब्त की गई। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

Jul 4, 2026 - 13:45
 0  2
कबीरधाम में नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम l छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत कबीरधाम जिले में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम को बड़ी सफलता मिली है। बोड़ला परियोजना क्षेत्र में नर चीतल के अवैध शिकार का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है।

वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में कुछ लोगों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया है। सूचना मिलते ही वन विकास निगम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और सातों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार, लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद किया गया। वन विभाग ने शिकार में प्रयुक्त सभी सामग्री जब्त कर ली है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

वन विभाग का कहना है कि संवेदनशील वन क्षेत्रों में नियमित गश्त, मजबूत सूचना तंत्र और विशेष निगरानी अभियान के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के चलते अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिल रही है।

राज्य सरकार ने वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर अभियान तेज किए हैं। वन विभाग आधुनिक निगरानी प्रणाली, नियमित गश्त और स्थानीय सूचना तंत्र की सहायता से वन अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। विभाग का मानना है कि जनसहयोग से ही वन्यजीवों और जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण संभव है। समय पर प्राप्त सूचना से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

वन अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य में वन्यजीव अपराधों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।